Silver Price Update : चांदी में निवेश करने वालों और ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए अहम खबर सामने आई है। भारत सरकार ने कीमती धातुओं के आयात नियमों को और सख्त करते हुए चांदी से जुड़े आयात पर बड़ा बदलाव किया है, जिसका असर आने वाले समय में बाजार पर दिख सकता है।
सरकारी फैसले के अनुसार, 16 मई 2026 से 99.9% शुद्धता वाली चांदी की सिल्लियों और अन्य अर्ध-निर्मित चांदी उत्पादों के आयात को प्रतिबंधित श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब इन उत्पादों का आयात पहले की तरह आसान नहीं रहेगा। पिछले वर्ष भारत के कुल चांदी आयात में इनका बड़ा हिस्सा रहा है।
भारत का आयात बिल तेजी से बढ़ा
इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश के बढ़ते आयात खर्च और विदेशी मुद्रा पर दबाव को नियंत्रित करना बताया जा रहा है। वैश्विक तनाव, डॉलर की मजबूती और रुपये की कमजोरी के कारण भारत का आयात बिल तेजी से बढ़ा है।
चांदी आयात में तेज उछाल किया गया दर्ज
आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने चांदी आयात पर लगभग 12 अरब डॉलर खर्च किए, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 4.8 अरब डॉलर था। अप्रैल 2026 में भी चांदी आयात में तेज उछाल दर्ज किया गया, जो पिछले साल की तुलना में 157 प्रतिशत अधिक रहा।
कई देशों से चांदी का आयात
भारत मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम और चीन से चांदी का आयात करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अब आयात केवल RBI से जुड़े बैंक, DGFT-अनुमोदित संस्थाओं और बुलियन एक्सचेंज से जुड़ी नामित एजेंसियों के जरिए ही किया जा सकेगा।
बाजार में चांदी की उपलब्धता सीमित
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से घरेलू बाजार में चांदी की उपलब्धता सीमित हो सकती है, जिससे प्रीमियम और कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, वैश्विक बाजार पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
फिलहाल भारत में चांदी की कीमतें उच्च स्तर पर बनी हुई हैं और मई 2026 में अब तक इनमें करीब 10% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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