Turmeric Test : मध्य प्रदेश में हाल के दिनों में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां शादी समारोह के दौरान हल्दी लगाने के बाद दूल्हा-दुल्हन को अस्पताल तक जाना पड़ा. इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली हल्दी कितनी सुरक्षित है. भारतीय रसोई में हल्दी को सिर्फ मसाले के रूप में ही नहीं, बल्कि स्वाद, रंग और सेहत के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है. दाल, सब्जी और कई घरेलू नुस्खों में इसका उपयोग आम है. आयुर्वेद में भी इसे लंबे समय से औषधीय गुणों के लिए उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन बाजार में मिलने वाली हर हल्दी की शुद्धता पर भरोसा करना आसान नहीं है.
आजकल मिलावट के मामलों में कई बार हल्दी में ऐसे रासायनिक पदार्थ और कृत्रिम रंग मिला दिए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं. इसी कारण घर पर ही इसकी शुद्धता की जांच करना जरूरी माना जाता है.
हल्दी में मिलावट के कारण बढ़ी चिंता
जानकारों के अनुसार, हल्दी में आकर्षक पीला रंग और मुलायम बनावट लाने के लिए कई बार मेटानिल येलो और लेड क्रोमेट जैसे कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया जाता है. कुछ मामलों में इसमें चॉक पाउडर, जंगली हल्दी या घटिया गुणवत्ता वाले कच्चे माल की मिलावट भी की जाती है. इसलिए केवल रंग देखकर हल्दी की गुणवत्ता पर भरोसा करना सही नहीं माना जाता.
हथेली पर रगड़कर भी की जाती है जांच
हल्दी असली है या मिलावटी, इसका पता लगाने के लिए वॉटर टेस्ट को सबसे सरल तरीका बताया जाता है. इसके तहत एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच हल्दी डालकर कुछ समय के लिए छोड़ दिया जाता है. अगर हल्दी नीचे बैठ जाती है और पानी हल्का पीला रहता है तो इसे शुद्ध माना जाता है, जबकि पानी का गहरा पीला होना और हल्दी का घुल जाना मिलावट की ओर इशारा कर सकता है.
हथेली पर हल्दी रगड़कर भी इसकी जांच की जाती है. इसमें थोड़ी हल्दी हथेली पर रखकर अंगूठे से कुछ सेकंड रगड़ने पर अगर हल्का पीला दाग रह जाए तो इसे असली माना जाता है. वहीं मिलावटी हल्दी अक्सर अलग तरह का रंग छोड़ती है या जल्दी फीकी पड़ जाती है.
चॉक पाउडर की मिलावट का पता लगाने की विधि
मेटानिल येलो की मिलावट की जांच के लिए हल्दी के पाउडर में हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कुछ बूंदें मिलाई जाती हैं. अगर मिश्रण गुलाबी रंग में बदल जाए तो इसमें इस रंग की मिलावट होने की आशंका मानी जाती है. यह रसायन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है और पेट संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है.
चॉक पाउडर की मिलावट की जांच में भी हल्दी, पानी और हाइड्रोक्लोरिक एसिड का प्रयोग किया जाता है. अगर इसमें बुलबुले बनने लगें तो इसे चॉक पाउडर की मौजूदगी का संकेत माना जाता है.
मसालों की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाले मसालों की गुणवत्ता पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. हल्दी कम मात्रा में इस्तेमाल होने के बावजूद, यदि उसमें मिलावट हो तो यह लंबे समय में स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है. इसलिए हल्दी खरीदते समय विश्वसनीय ब्रांड का चयन और समय-समय पर उसकी जांच करना बेहतर माना जाता है.
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