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अपार सक्सेना बने भारत के सबसे कम उम्र के सक्रिय इंटरनेशनल मास्टर

Indian Chess Player : भारतीय शतरंज खिलाड़ी अपार सक्सेना (14 वर्ष) ने आधिकारिक रूप से इंटरनेशनल मास्टर (IM) का खिताब हासिल कर लिया है, और 3 मई 2026 तक भारत के सबसे कम उम्र के सक्रिय इंटरनेशनल मास्टर बन गए हैं। यह उपलब्धि उन्होंने यूरोप के विभिन्न टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन करते हुए महज 5 हफ्तों के भीतर हासिल की। अपार ने अपना पहला IM नॉर्म IM Renome 2 (बोस्निया, 30 मार्च 2026) में 7/9 अंक बनाकर टूर्नामेंट जीतते हुए हासिल किया।

इसके तुरंत बाद उन्होंने दूसरा IM नॉर्म San Vicente Open 2026 (स्पेन, 6 अप्रैल 2026) में लगातार दूसरे टूर्नामेंट में 7/9 स्कोर के साथ प्राप्त किया। उन्होंने कुल मिलाकर 12वां स्थान हासिल किया और 520 से अधिक खिलाड़ियों तथा 54 देशों की भागीदारी वाले इस टूर्नामेंट में चौथे स्थान के लिए टाई किया। उनका प्रदर्शन ग्रैंडमास्टर नॉर्म स्तर का था, लेकिन तीन ग्रैंडमास्टर्स का सामना न होने के कारण GM नॉर्म नहीं बन सका। उन्होंने दो राउंड पहले ही IM नॉर्म सुनिश्चित कर लिया था।

2404 का परफॉर्मेंस रेटिंग हासिल किया

Menorca Open (स्पेन, अप्रैल 2026) में अपार ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 2404 का परफॉर्मेंस रेटिंग हासिल किया और +44 रेटिंग अंक प्राप्त किए। वे तीसरे लगातार नॉर्म के करीब थे, लेकिन अंतिम राउंड में फॉरफिट के कारण यह मौका चूक गया।

इंटरनेशनल मास्टर का खिताब पक्का किया

अंतिम IM नॉर्म IM Putnik 114 (सर्बिया, 3 मई 2026) में आया, जहां उन्होंने फिर से 7/9 स्कोर कर इंटरनेशनल मास्टर का खिताब पक्का किया। इस टूर्नामेंट में उनका लाइव रेटिंग 2450 तक पहुंच गया। तीनों IM नॉर्म और आवश्यक रेटिंग वृद्धि केवल 5 हफ्तों में हासिल करना उनकी निरंतरता और उच्च स्तर के प्रदर्शन को दर्शाता है।

GM Zigurds Lanka को हराया

उनकी अंतरराष्ट्रीय सफलता की शुरुआत Chess Slovak Open 2025 से हुई थी। 2204 FIDE रेटिंग के साथ खेलते हुए उन्होंने 5.5/9 स्कोर किया और 2437 का परफॉर्मेंस रेटिंग हासिल किया। उन्होंने GM Zigurds Lanka को हराया और GM Anton Korobov के साथ ड्रॉ खेला।

अन्य प्रमुख उपलब्धियां-

भारत के सबसे कम उम्र के इंटरनेशनल मास्टर (3 मई 2026)
2012 या उसके बाद जन्मे खिलाड़ियों में दुनिया के 7वें खिलाड़ी जिन्होंने IM खिताब हासिल किया
लाइव FIDE रेटिंग: 2450
अंडर-14 लाइव रेटिंग में विश्व नंबर 2

अपार ने 6 साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया और तब से जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। वह अपनी पढ़ाई के साथ रोजाना 8–10 घंटे अभ्यास करते हैं। उनके विकास में उनके स्कूल “Silicon City Academy Of Secondary Education, बेंगलुरु” का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जहां प्रिंसिपल सुमालिनी मैम और स्कूल कोऑर्डिनेटर शेनॉय मैम का विशेष सहयोग मिला।

Killer Chess Academy और यूरी वॉव्क के कोर्सेज

गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों में उनके पास कोई व्यक्तिगत कोच नहीं था, इससे पहले उनके कोच जयाराम रमाना थे। उन्होंने Killer Chess Academy और यूरी वॉव्क के कोर्सेज से भी मार्गदर्शन लिया। उनके पिता प्रशांत सक्सेना ने उनकी तैयारी, रणनीति और ट्रेनिंग में अहम भूमिका निभाई, जबकि उनकी मां रुचि सक्सेना ने पूरे सफर में निरंतर सहयोग दिया।

बेटे को ग्रैंडमास्टर बनाने की दिशा

इंटरनेशनल मास्टर का खिताब हासिल करने के बाद, अपार सक्सेना भारत के सबसे होनहार युवा शतरंज खिलाड़ियों में अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) की रुचि और मंदसौर (मध्य प्रदेश) के प्रशांत, बिना किसी स्पॉन्सरशिप और पेशेवर कोच के, बेंगलुरु में अपने बेटे को ग्रैंडमास्टर बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं। सभी से अपील है कि अपार के उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं दें।

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