
Meta Job Cuts : टेक दिग्गज कंपनी मेटा एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी को लेकर सुर्खियों में है। इस बार कंपनी ने कर्मचारियों को अचानक वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) का निर्देश देकर उसी दौरान नौकरी समाप्ति के ईमेल भेजे, जिससे पूरे सिस्टम में हलचल मच गई है।
पहले WFH, फिर अचानक नौकरी जाने का ईमेल
इस बार छंटनी की प्रक्रिया पहले से ज्यादा शांत और नियंत्रित तरीके से की गई। अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई देशों में कर्मचारियों को अचानक घर से काम करने को कहा गया। इसके कुछ ही घंटों बाद कई कर्मचारियों को ईमेल के जरिए नौकरी से निकाले जाने की सूचना मिली।
कंपनी का यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि वह किसी भी तरह के ऑफिस विरोध या असंतोष से बचते हुए पूरी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना चाहती थी।
लगभग 10% वर्कफोर्स पर असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक मेटा करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी कर रही है, जो कंपनी की कुल वर्कफोर्स का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा है। इस प्रक्रिया की शुरुआत सिंगापुर ऑफिस से हुई, जहां कर्मचारियों को तड़के सुबह ईमेल भेजे गए।
इसके बाद कंपनी अलग-अलग टाइम जोन के अनुसार दुनिया भर में यह प्रक्रिया लागू कर रही है।
AI फोकस बना छंटनी की बड़ी वजह
मेटा के इस बड़े फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ता फोकस बताया जा रहा है। कंपनी अब पारंपरिक टीम स्ट्रक्चर को बदलकर छोटी और ज्यादा फुर्तीली AI-नेटिव टीमों पर काम कर रही है।
इस बदलाव के तहत हजारों कर्मचारियों की भूमिकाएं बदली जा रही हैं, जबकि कुछ पदों को पूरी तरह खत्म किया जा रहा है।
कर्मचारियों में बढ़ा तनाव और असंतोष
छंटनी की खबरें पहले ही लीक होने से कंपनी के भीतर तनाव का माहौल बना हुआ था। कई कर्मचारियों में अनिश्चितता बढ़ गई थी और मनोबल गिरता जा रहा था।
इसी बीच कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कर्मचारी ऑफिस से जरूरी सामान अपने साथ घर ले जाने लगे थे, क्योंकि उन्हें लगातार नौकरी जाने का डर सता रहा था।
टेक इंडस्ट्री में भी छंटनी का ट्रेंड तेज
यह स्थिति सिर्फ मेटा तक सीमित नहीं है। पूरी टेक इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर छंटनी का दौर जारी है। हाल के महीनों में कई बड़ी कंपनियों ने भी अपने यहां हजारों पदों में कटौती की है, जिससे सेक्टर में अस्थिरता बढ़ी है।
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