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शुभेंदु अधिकारी पीए हत्याकांड में बड़ा खुलासा: मर्डर में इस्तेमाल निसान माइक्रा कार निकली बलिया की

PA Murder Case : पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की हत्या से जुड़े मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं. ताजा जानकारी के अनुसार इस केस में इस्तेमाल हुई निशान माइक्रा कार का संबंध उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से जुड़ा पाया गया है. बताया जा रहा है कि यह वाहन बलिया के बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के दवनी गांव के निवासी ज्ञानेंद्र सिंह (मुन्नू) ने बांसडीहरोड क्षेत्र के ही जितेंद्र सिंह से करीब 50 हजार रुपये में खरीदी थी.

वहीं, कार बेचने वाले जितेंद्र सिंह का कहना है कि जब सीबीआई उनसे पूछताछ के लिए उनके घर पहुंची, तब उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी हुई. जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने यह गाड़ी हुसैनाबाद के रहने वाले एक तिवारी नामक व्यक्ति से अक्टूबर महीने में छठ पर्व के आसपास लगभग 35 हजार रुपये में खरीदी थी. बाद में उन्होंने इसे 1 मई को ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मुन्नू को 50 हजार रुपये में बेच दिया, उन्होंने यह भी बताया कि वाहन का ट्रांसफर अभी तक उनके नाम पर ही है और उन्हें गाड़ी का नंबर भी स्पष्ट रूप से याद नहीं है.

चुनाव परिणाम के बाद सामने आया मामला

जानकारी के मुताबिक, इस वाहन की खरीद-फरोख्त में एक ही व्यक्ति ने मध्यस्थता की थी, जिसने गाड़ी खरीदने और बेचने दोनों में भूमिका निभाई.

उधर, छह मई को मध्यमग्राम में गोली मारकर चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई थी. यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद सामने आई थी. इससे पहले इस मामले में यह भी जानकारी आई थी कि गिरफ्तार किए गए एक आरोपी के खिलाफ बलिया जिले में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं.

नौकरी छोड़कर ड्राइवर बना

पुलिस के अनुसार, सीबीआई ने सोमवार को मुजफ्फरनगर से बलिया निवासी राज कुमार सिंह को गिरफ्तार किया. रसड़ा क्षेत्र के सीओ आलोक गुप्ता के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ रसड़ा थाने में दो और गड़वार थाने में एक मामला दर्ज है, जिनमें से दो मामलों में आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है.

पुलिस का यह भी कहना है कि राज कुमार पहले मुंबई में ओएनजीसी में काम करता था, बाद में नौकरी छोड़कर गांव लौट आया और ड्राइवर के रूप में काम करने लगा. वह विदेश जाना चाहता था, लेकिन मुकदमों के चलते उसका पासपोर्ट नहीं बन सका. अधिकारियों के अनुसार, गांव में उसकी छवि बड़े अपराधी की नहीं रही है.

सीबीआई ने दी गिरफ्तारी की जानकारी

राज कुमार के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह सीबीआई की ओर से फोन आया था और उन्हें बेटे की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई. उन्होंने कहा कि टीम गांव पहुंची और पूछताछ के साथ मोबाइल की भी जांच की. पिता के अनुसार, राज कुमार बीए प्रथम वर्ष पास है और उन्हें यह जानकारी नहीं है कि वह पश्चिम बंगाल गया था या नहीं.

गिरफ्तारी के बाद जिले में चर्चा तेज

इसी बीच यह भी सामने आया है कि इससे पहले बलिया कोतवाली क्षेत्र के आनंद नगर निवासी राज सिंह को भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है. वह ब्लॉक प्रमुख चुनाव लड़ने की तैयारी में था. दोनों गिरफ्तारियां सामने आने के बाद जिले में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

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