Pakistan News : पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में दिए एक बयान से पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए हैं। उन्होंने बयान में कहा कि पाकिस्तान में बच्चों को सही इतिहास नहीं पढ़ाया जा रहा और इस कारण नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दूर होती जा रही है।
यह मानसिकता जानबूझकर बनाई गई
आसिफ ने खुलासा किया कि हम पाकिस्तानी मुसलमान अपने हिंदू पूर्वजों से नफरत करते हैं, और कई लोग सोचते हैं कि उनके पूर्वज किसी अरब या ईरानी मूल से आए थे। उनका कहना था कि यह मानसिकता जानबूझकर बनाई गई ताकि लोगों को अपनी सभ्यता और इतिहास से कट किया जा सके।
चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक का जिक्र
उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास की किताबों में हिंदू शासकों का उल्लेख घटा दिया गया है। उदाहरण के तौर पर, चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक को पाठ्यक्रम से हटा दिया गया क्योंकि वे हिंदू थे। ख्वाजा आसिफ ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके पूर्वज हिंदू थे, और यह उनकी पाकिस्तानी पहचान को कम नहीं करता।
पाकिस्तानी बच्चों को पढ़ाया जा रहा गलत इतिहास
इसके अलावा, उन्होंने बताया कि विदेशी शक्तियों, खासकर अमेरिका की रणनीतियों के तहत, समाज की सोच को बदलकर इतिहास को एक विशेष नजरिए से प्रस्तुत किया गया। इसके कारण पाकिस्तान के बच्चों को वास्तविक और तथ्यात्मक इतिहास की जानकारी नहीं मिल रही है।
इजरायल को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं
ख्वाजा आसिफ का बयान ऐसे समय आया है जब वह अमेरिका और इजरायल से जुड़े मामलों को लेकर पहले ही चर्चा में हैं। उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान फिलहाल इजरायल को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं देगा और जब तक पूर्वी यरुशलम को स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की राजधानी के रूप में स्थापित नहीं किया जाता, तब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। यहां तक कि पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भी साफ लिखा होता है कि यह इजरायल की यात्रा के लिए मान्य नहीं है।
अमेरिकी सांसद ने उठाए सवाल
आसिफ के इस बयान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की ऐतिहासिक सोच को देखते हुए अमेरिका-इजरायल या ईरान से जुड़े मामलों में उसकी मध्यस्थता चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
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