Hybrid Car Battery Health : प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) कारें उन लोगों के लिए अच्छी विकल्प होती हैं जो अधिक माइलेज चाहते हैं और कभी-कभार बिजली और पेट्रोल दोनों का इस्तेमाल करना चाहते हैं। हालांकि, पुरानी हाइब्रिड कार खरीदने से पहले बैटरी की स्थिति जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि बार-बार चार्जिंग और इलेक्ट्रिक मोड का लगातार उपयोग बैटरी की उम्र कम कर सकता है।
हाल ही में ऑस्ट्रिया की बैटरी डायग्नोस्टिक्स कंपनी Aviloo और जर्मनी के कार क्लब ADAC ने 28,500 से अधिक हाइब्रिड कारों की बैटरी का परीक्षण किया। इस अध्ययन से पता चला कि लगातार इलेक्ट्रिक मोड में चलाने और बार-बार चार्ज करने से बैटरी की क्षमता घट सकती है, लेकिन अलग-अलग ब्रांड्स में इसका असर काफी अलग होता है।
ब्रांड्स का प्रदर्शन-
Mercedes-Benz : सबसे स्थिर बैटरी प्रदर्शन, 2 लाख किलोमीटर बाद भी लगभग 90% क्षमता बनी रहती है।
BMW : ड्राइविंग पैटर्न पर निर्भर; कम इलेक्ट्रिक मोड में 90%, अधिक इलेक्ट्रिक मोड में 77% क्षमता।
Volvo और Volkswagen : सामान्य गिरावट, 2 लाख किलोमीटर पर भी 85% क्षमता बनी रहती है।
Ford : बैटरी जल्दी गिरती है; ज्यादा इलेक्ट्रिक मोड में 25,000 किलोमीटर पर 10% क्षमता घट जाती है।
Mitsubishi : सबसे खराब प्रदर्शन; 2 लाख किलोमीटर पर 25-30% क्षमता खत्म हो जाती है।
बैटरी हेल्थ की गाइडलाइन (ADAC के अनुसार)
50,000 किलोमीटर: कम से कम 92% क्षमता
1,00,000 किलोमीटर: कम से कम 88% क्षमता
1,50,000 किलोमीटर: कम से कम 84% क्षमता
2,00,000 किलोमीटर: कम से कम 80% क्षमता
बैटरी की लंबी उम्र के लिए टिप्स
20-80% चार्ज नियम- बैटरी को कभी पूरी तरह खाली या 100% चार्ज न करें।
फास्ट चार्जिंग से बचें- DC फास्ट चार्जर का अत्यधिक उपयोग बैटरी को नुकसान पहुंचा सकता है।
मौसम का ध्यान रखें- अत्यधिक धूप या ठंड में लंबे समय तक गाड़ी खुली न छोड़ें।
यदि आप अपनी कार रोजाना केवल इलेक्ट्रिक मोड में चलाने वाले हैं, तो प्लग-इन हाइब्रिड के बजाय पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहन (EV) लेना बेहतर रहेगा। वहीं, अगर आप चार्जिंग नहीं करना चाहते, तो स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड मॉडल अधिक उपयोगी साबित हो सकता है।
यह अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि हाइब्रिड कार खरीदने से पहले बैटरी की स्थिति का मूल्यांकन करना और सही चार्जिंग आदत अपनाना बेहद जरूरी है।
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