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ईरान फिर कर रहा जंग की तैयारी, अमेरिका पर भरोसा नहीं, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बवाल, इज़राइल के लेबनान पर ताबड़तोड़ हमले

Iran-US Conflict : ईरान-अमेरिका में छिड़ा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान अपनी शर्तों को लेकर मैदान में डटा है, तो वहीं अमेरिका पूरी ताकत से ईरान को झुकाने में जुटा है। दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ता पाकिस्तान में हो चुकी है, मगर कोई खासा हल नहीं निकला। पाकिस्तान ने एड़ी से चोटी तक का जोर लगा लिया, मगर ईरान-अमेरिका की शर्तें ऐसी हैं कि उसे भी हारकर घुटने टेकने पड़े।

दरअसल अमेरिका चाहता है कि हॉर्मुज़ स्ट्रेट खुले और किसी प्रकार की बाधा ना आए, वहीं ईरान हॉर्मुज़ स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण चाहता है। मगर मसला यह भी है, ईरान परमाणु बम बनाने के नजदीक है, खुफिया एजेंसियों के मुताबिक ऐसा इनपुट दिया गया है।

अमेरिका करे नुकसान की भरपाई

अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु बनाने में इस्तेमाल किया जाने वाला संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) सौंप दे। वहीं ईरान अपने देश में स्वतंत्रता व सुरक्षा का अधिकार एंव सभी प्रतिबंधों से मुक्ति चाहता है। वहीं ईरान का कहना है कि युद्ध के दौरान जो भी नुकसान हुआ अमेरिका उसकी भरपाई करे।

सैन्य तैयारियां, घरेलू समर्थन और कूटनीतिक प्रयास

ईरान अमेरिका के साथ संभावित टकराव की तैयारी कर रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान वॉशिंगटन पर भरोसा नहीं करता और होर्मुज स्ट्रेट को अपनी सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक ताकत मान रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरानी अधिकारी तीन मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान दे रहे हैं – सैन्य तैयारियां, घरेलू समर्थन जुटाना और कूटनीतिक प्रयास। बातचीत का दरवाजा खुला है, लेकिन ईरानी सेना और रेवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) उच्च सतर्कता पर हैं।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए महत्वपूर्ण

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के बड़े हिस्से के तेल परिवहन का प्रमुख मार्ग है, और ईरान इसे अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने का अहम हथियार मान रहा है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि किसी नए संघर्ष में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, ऊर्जा ढांचे और संबंधित हितों को निशाना बनाया जा सकता है। IRGC ने चेतावनी दी कि कोई भी अमेरिकी हमला पहले से अधिक तीव्र प्रतिक्रिया भरेगा, जिसका असर मिडिल ईस्ट से बाहर भी महसूस होगा।

ईरान ने मार गिराए अमेरिकी ड्रोन

ईरानी बलों ने अमेरिकी MQ-9B और RQ-4 ड्रोन को निशाना बनाया और अपने हवाई क्षेत्र में घुसे F-35 लड़ाकू विमान पर भी फायरिंग की। इसी बीच, ईरान में 88 दिनों के बाद इंटरनेट सेवाएं आंशिक रूप से बहाल हुई हैं। नेटब्लॉक्स के अनुसार यह आधुनिक इतिहास का सबसे लंबा राष्ट्रीय इंटरनेट ब्लैकआउट था, जिसने व्यापार और डिजिटल सेवाओं को प्रभावित किया।

इज़राइल के लेबनान पर ताबड़तोड़ हमले

इज़राइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रक्षा अधिकारियों के साथ सुरक्षा बैठक की। इसमें उत्तरी सीमा और लेबनान में हालात पर चर्चा हुई, और हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज किए गए। संयुक्त राज्य अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स और बंदर अब्बास के मिसाइल ठिकानों पर हमले किए, जिसे सेंटकॉम ने आत्मरक्षा कार्रवाई बताया। इस स्थिति के बीच, क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है और संभावित संघर्ष की संभावना पर अंतरराष्ट्रीय नजरें बनी हुई हैं।

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