Uttarakhand News : बुधवार रात को बेड़ूबगढ़ बिरही के पास बदरीनाथ हाईवे के समीप चीड़ के जंगल में लगी आग बुझाने गए फायर वाचर राजेंद्र सिंह नेगी (42) निवासी पाखी जलगवाड़ गांव, पुत्र नंदन सिंह नेगी, आग से झुलसने के बाद लगभग 70 मीटर नीचे खाई में गिर गए। उनका शव गुरुवार सुबह खोज अभियान के दौरान खाई में पाया गया।
चीड़ के जंगल में लगी आग
बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ सर्वेश दुबे के अनुसार, बुधवार को दोपहर लगभग दो बजे चीड़ के जंगल में आग लगी, जो चट्टानी इलाके में फैल गई। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने चमोली रेंज के फायर वाचरों को आग पर काबू पाने के लिए भेजा।
वन कर्मचारियों ने खोज अभियान किया शुरू
15 कर्मियों की टीम में राजेंद्र सिंह भी शामिल थे। शाम सात बजे आग पर काफी हद तक काबू पाया गया और बाकी फायर वाचर बदरीनाथ हाईवे पर लौट आए, लेकिन राजेंद्र सिंह वहां नहीं पहुंचे। टीम ने अधिकारियों को उनकी मिसिंग होने की सूचना दी, जिसके बाद एसपी सुरजीत सिंह पंवार के निर्देश पर एसडीआरएफ और वन कर्मचारियों ने खोज अभियान शुरू किया।
जंगल में मिला मोबाइल फोन
रात करीब साढ़े दस बजे जंगल में उनका मोबाइल फोन मिला, लेकिन उन्हें नहीं पाया जा सका। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया। गुरुवार सुबह फिर से खोज शुरू हुई और राजेंद्र सिंह का शव लगभग 70 मीटर नीचे खाई में मिला।
परिवार ने की मुआवजे की मांग
डीएफओ के अनुसार, संभवतः आग बुझाने के दौरान वह चट्टान से गिर गए थे। घटना स्थल पर मृतक के परिजन और स्थानीय जनप्रतिनिधि पहुंचे। प्रभावित परिवार के लिए लोगों ने 50 लाख रुपए का मुआवजा और एक व्यक्ति को नौकरी देने की मांग उठाई है।
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