
India Italy Meeting : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के दौरान भारत और इटली के रिश्तों को नई ऊंचाई मिल गई है। दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाते हुए सहयोग के एक नए दौर की शुरुआत की है। रोम में हुई उच्च स्तरीय बैठक में दोनों नेताओं ने भविष्य के लिए व्यापक रोडमैप पर सहमति जताई।
26 साल बाद पीएम मोदी की ऐतिहासिक इटली यात्रा
इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए कहा कि करीब 26 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह द्विपक्षीय यात्रा हो रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों को नई गति और मजबूती देगी।
व्यापार बढ़ाकर 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य
बैठक के दौरान आर्थिक सहयोग को विस्तार देने पर जोर दिया गया। दोनों देशों ने मौजूदा 14 अरब यूरो के व्यापार को वर्ष 2029 तक बढ़ाकर 20 अरब यूरो तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को अहम आधार माना गया है।
स्टार्टअप और इनोवेशन पर भी फोकस
इटली की ओर से बताया गया कि भारत में 400 से अधिक इतालवी कंपनियां सक्रिय हैं। साथ ही ‘इनोवेट इंडिया इनिशिएटिव’ के तहत स्टार्टअप, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक नया केंद्र स्थापित किया जाएगा।
‘डिजाइन इन इटली, डेवलप इन इंडिया’ विजन
प्रधानमंत्री मोदी ने साझेदारी को नए दृष्टिकोण से जोड़ते हुए कहा कि इटली की डिजाइन क्षमता और भारत की प्रतिभा मिलकर वैश्विक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकती है। उन्होंने ‘डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया एंड इटली, डिलीवर फॉर द वर्ल्ड’ का विजन साझा किया।
रक्षा, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद पर साझा रुख
दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को भी मजबूत करने पर सहमति जताई। समुद्री सुरक्षा, बंदरगाह विकास और लॉजिस्टिक्स में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही आतंकवाद और उसके वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक सुरक्षा पर सहमति
बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मुक्त और सुरक्षित समुद्री आवाजाही को लेकर भी साझा समझ बनी। दोनों नेताओं ने कहा कि वैश्विक स्थिरता के लिए सहयोग जरूरी है और लोकतांत्रिक देश मिलकर जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
सांस्कृतिक जुड़ाव और 80वीं वर्षगांठ की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इटली के सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्कृत और लैटिन जैसी भाषाएं दोनों देशों के ऐतिहासिक जुड़ाव को दर्शाती हैं। दोनों देशों ने अगले वर्ष संबंधों की 80वीं वर्षगांठ को ‘ईयर ऑफ कल्चर’ के रूप में मनाने पर सहमति जताई है।
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