China Reaction : चीन ने हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम को सकारात्मक बताया है, लेकिन स्पष्ट किया कि उसने ईरान के साथ सीधे वार्ता नहीं की. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग शांति और वार्ता के पक्ष में है और क्षेत्रीय देशों के प्रयासों का स्वागत करता है.
माओ ने यह भी कहा कि चीन शांति बहाल करने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा, उन्होंने बताया कि चीन और पाकिस्तान ने हाल ही में मध्य पूर्व में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए पांच सूत्रीय पहल पर सहमति बनाई थी. इसमें तुरंत संघर्ष रोकना, शांति वार्ता शुरू करना, नागरिक लक्ष्यों की सुरक्षा, होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की सुरक्षा और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान सुनिश्चित करना शामिल है.
ईरानी तेल और ऊर्जा हित सुरक्षित
विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन ने ईरान को युद्धविराम के लिए राजी करने में अहम भूमिका निभाई. यह चीन के रणनीतिक हित में भी है, क्योंकि वह ईरान का सबसे बड़ा व्यापारिक साथी और कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है. संघर्षविराम के बाद ईरानी तेल की सप्लाई में व्यवधान कम होगा और चीन के ऊर्जा हित सुरक्षित रहेंगे.
बता दें कि तीन साल पहले सऊदी अरब और ईरान के बीच सुलह में भी चीन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. अब मध्य पूर्व में अमेरिका की सुरक्षा भूमिका पर नए सवाल उठ सकते हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे में बदलाव की संभावनाएं बढ़ सकती हैं.
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