
Iran Israel War : ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। हालिया हमले में ईरान के प्रमुख नौसैनिक कमांडर अलीरेज़ा तंगसिरी के मारे जाने की खबर सामने आई है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
बंदर अब्बास में हमला, रणनीतिक झटका
दक्षिणी ईरान के पोर्ट शहर बंदर अब्बास में हुए हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना शाखा के प्रमुख तंगसिरी की मौत की बात कही जा रही है। वे होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी के लिए जिम्मेदार थे, जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का अहम मार्ग है।
ईरान की सैन्य ताकत पर असर
यदि इस हमले की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह ईरान की सैन्य रणनीति के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। खासतौर पर फारस की खाड़ी में उसकी स्थिति और समुद्री नियंत्रण पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
तंगसिरी का सैन्य सफर
अलीरेज़ा तंगसिरी का जन्म बुशेहर प्रांत में हुआ था। उन्होंने ईरान-इराक युद्ध और 1980 के दशक के ‘टैंकर वॉर’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। IRGC में उन्होंने कई अहम पद संभाले और बाद में नौसेना प्रमुख बने।
लगातार हो रहे हमलों से बढ़ा नुकसान
28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद से ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक नेताओं के मारे जाने की खबरें सामने आ चुकी हैं। इस संघर्ष में अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई का भी जिक्र किया जा रहा है।
बड़े नेताओं पर हमले के दावे
संघर्ष की शुरुआत में ही ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को लेकर भी बड़े दावे किए गए थे। इसके अलावा वरिष्ठ नेता अली लारिजानी और रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत की खबरों ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
मध्य पूर्व में बढ़ता संकट
लगातार हो रहे हमलों और वरिष्ठ नेताओं की मौत से यह स्पष्ट है कि यह संघर्ष अब व्यापक असर डाल सकता है। क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक राजनीति पर इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
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