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इलेक्ट्रिक कार की रेंज कम हो गई? जानें बैटरी खराब होने के संकेत और कब करें इसे बदलने का फैसला

Electric Car Range Drop : बैटरी के कमजोर होने का सबसे बड़ा संकेत गाड़ी की घटती रेंज होती है. अगर पहले आपकी कार एक बार चार्ज करने पर लंबी दूरी तय करती थी और अब वही दूरी काफी कम हो गई है, तो समझ लीजिए बैटरी अपनी क्षमता खो रही है. इसके अलावा बार-बार चार्जिंग की जरूरत पड़ना भी इसी ओर इशारा करता है.

चार्जिंग से जुड़ी कुछ आदतें भी बैटरी की सेहत पर असर डालती हैं. जैसे अगर बैटरी पहले के मुकाबले ज्यादा समय लेने लगे या बहुत जल्दी खत्म होने लगे, तो यह उसकी गिरती परफॉर्मेंस का संकेत है. वहीं, डैशबोर्ड पर आने वाले वार्निंग सिग्नल को नजरअंदाज करना भी बड़ी गलती हो सकती है.

कमजोर पिकअप और गिरती परफॉर्मेंस का कारण

ड्राइविंग के दौरान अगर गाड़ी की पिकअप कमजोर लगे, स्पीड कम महसूस हो या ओवरऑल परफॉर्मेंस में गिरावट आए, तो यह भी बैटरी के कमजोर होने का लक्षण है. ऐसे में समय रहते जांच कराना जरूरी हो जाता है. एक अहम बात यह है कि जब बैटरी की क्षमता करीब 70% तक गिर जाती है, तो उसे बदलने पर विचार करना चाहिए. अगर इसके साथ ही रेंज भी काफी घट चुकी हो और गाड़ी बार-बार दिक्कत दे रही हो, तो बैटरी रिप्लेसमेंट ही बेहतर विकल्प रहता है.

बैटरी लाइफ बढ़ाने के आसान और असरदार टिप्स

बैटरी की लाइफ बढ़ाने के लिए कुछ आसान लेकिन जरूरी आदतें अपनाई जा सकती हैं. जैसे बार-बार 100% तक चार्ज करने से बचना, बैटरी को पूरी तरह 0% तक डिस्चार्ज न होने देना और फास्ट चार्जिंग का सीमित इस्तेमाल करना. इसके अलावा बहुत ज्यादा गर्मी या ठंड में गाड़ी पार्क करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि तापमान का सीधा असर बैटरी पर पड़ता है.

नियमित बैटरी हेल्थ चेक क्यों है जरूरी?

समय-समय पर बैटरी की हेल्थ चेक कराते रहना भी बेहद जरूरी है. इससे छोटी-छोटी समस्याएं समय रहते पकड़ में आ जाती हैं और बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है. कुल मिलाकर, अगर आप सही तरीके से EV बैटरी का ख्याल रखते हैं, तो न सिर्फ उसकी उम्र बढ़ाई जा सकती है, बल्कि आपकी गाड़ी की परफॉर्मेंस भी लंबे समय तक शानदार बनी रहती है.

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