
Middle East Conflict : अमेरिका, ईजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को आज 10 दिन हो गए हैं। युद्ध अभी भी जारी है। इन देशों में जारी युद्ध के कारण लगातार स्थिति बिगड़ती जा रही है। ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ अब तक 1200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच सोमवार को यानी आज खबर सामने आई है कि अली खामेनेई के बेटे मोजतमा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है।
असेंबली की ईरानियों से अपील
दरअसल, यह फैसला असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स द्वारा लिया गया। इस फैसले के बाद ईरान के राजनीतिक और सैन्य संस्थान तेजी से उनके समर्थन में खड़े हुए। असेंबली ने ईरानियों से नए नेता के प्रति निष्ठा जताने और देश में एकजुटता बनाए रखने की अपील की।
वरिष्ठ नेताओं और IRGC ने जताया समर्थन
ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने कहा कि अली खामेनेई की मौत के बाद दुश्मनों ने राजनीतिक संकट की उम्मीद की थी, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत मोजतबा को नया नेता चुन लिया गया। ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य संस्था IRGC ने भी नए सुप्रीम लीडर के आदेशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर अपनी जान तक कुर्बान करने की प्रतिबद्धता जताई। ईरान की संसद के स्पीकर ने भी मोजतबा की नियुक्ति का स्वागत करते हुए इसे धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य बताया।
युद्ध के बीच सत्ता परिवर्तन
मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ईरान अमेरिका और इज़राइल के साथ बढ़ते संघर्ष में उलझा हुआ है। अमेरिकी अधिकारी मान रहे हैं कि ईरान अपेक्षा से ज्यादा सक्रिय प्रतिक्रिया दे रहा है और लगातार अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है। इस तनाव के चलते अमेरिकी हताहतों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
अमेरिका में चिंता और पश्चिम एशिया में अलर्ट
पूर्व CIA प्रमुख डेविड पेट्रेयस ने कहा कि मोजतबा की नियुक्ति पश्चिम के लिए चिंता का विषय हो सकती है। उनका मानना है कि मोजतबा अपने पिता की तरह सख्त विचारधारा वाले नेता होंगे और ईरान की परमाणु एवं मिसाइल नीति में नरमी नहीं दिखेगी।
इस बीच, अमेरिका ने सऊदी अरब में गैर-जरूरी कर्मचारियों को तुरंत हटाने का आदेश दिया। कतर, जॉर्डन, बहरीन, UAE, इराक और पाकिस्तान में भी अमेरिकी कर्मचारियों को हटा दिया गया है। कुवैत में अमेरिकी दूतावास की गतिविधियां अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।
तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
मिडिल ईस्ट में तेल सप्लाई खतरे के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई। ब्रेंट क्रूड $104 प्रति बैरल तक गया, जो 2022 के रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार इतना ऊँचा स्तर है। अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में गिरावट और अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत $3.45 प्रति गैलन तक बढ़ गई है, जो सिर्फ एक हफ्ते में करीब 16% की बढ़ोतरी दर्शाता है।
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