Uttarakhand

उत्तराखंड में महिला आरक्षण और परिसीमन से बदलेगा सियासी समीकरण

Uttarakhand News : उत्तराखंड की राजनीति में महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम और संभावित परिसीमन को लेकर बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। इन दोनों मुद्दों के चलते प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सभी प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी बढ़ गई है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम

हाल ही में देहरादून दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में विपक्ष से सहयोग की अपील की और राजनीतिक टकराव से बचने की बात कही। इसके बाद भाजपा ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस से समर्थन की मांग की है।

सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना

वहीं विपक्ष का कहना है कि केंद्र सरकार इस अधिनियम और परिसीमन को राजनीतिक लाभ के लिए आगे बढ़ा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि विशेष सत्र बुलाने के पीछे चुनावी रणनीति भी हो सकती है। आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।

घट सकती हैं विधानसभा सीटें

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने के बाद विधानसभा की संरचना में बड़ा बदलाव हो सकता है। इसके साथ ही परिसीमन लागू होने पर जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण भी तय माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन और कम जनसंख्या के कारण विधानसभा सीटें घट सकती हैं, जबकि हरिद्वार, देहरादून, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल जैसे मैदानी जिलों में सीटों की संख्या बढ़ सकती है।

पूरी तरह बदल सकता है राजनीतिक संतुलन

वर्तमान में उत्तराखंड विधानसभा में 70 सीटें हैं, जिनमें पर्वतीय क्षेत्रों का दबदबा माना जाता है। परिसीमन के बाद यह संख्या बढ़कर 100 से अधिक भी हो सकती है, जिससे राजनीतिक संतुलन पूरी तरह बदल सकता है। हालांकि, अगले विधानसभा चुनाव में इन दोनों व्यवस्थाओं के लागू होने की संभावना कम बताई जा रही है, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा विशेष सत्र बुलाने के बाद विपक्षी दलों में चिंता और बहस तेज हो गई है।

कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस पहले भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन कर चुकी है, इसलिए उसे अपने रुख से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने परिसीमन को लेकर कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

पर्वतीय क्षेत्रों को होगा नुकसान

दूसरी ओर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। उनका कहना है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मौजूदा 70 सीटों पर ही लागू होना चाहिए और परिसीमन का आधार जनसंख्या नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे पर्वतीय क्षेत्रों को नुकसान होगा। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा हुआ तो वह इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी।

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