Trump Shoot Order : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने अमेरिकी सेना को होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली छोटी ईरानी नौकाओं को “गोली मारकर नष्ट करने” का निर्देश दिया है, जिससे एक अहम वैश्विक समुद्री मार्ग में तनाव और बढ़ गया है.
सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए ट्रम्प ने लिखा, “मैंने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली किसी भी नाव, चाहे वह छोटी ही क्यों न हो (उनके सभी 159 नौसैनिक जहाज समुद्र की तलहटी में डूब चुके हैं!), को गोली मारकर नष्ट कर दिया जाए. इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा, हमारे बारूदी सुरंग हटाने वाले जहाज इस समय जलडमरूमध्य को साफ कर रहे हैं. मैं इस अभियान को तीन गुना अधिक स्तर पर जारी रखने का आदेश देता हूं. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद.”
ईरान के साथ बढ़ता तनाव
बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया के कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है. वहीं, पेंटागन का कहना है कि उसने एक और टैंकर को जब्त किया है. ट्रम्प का यह आदेश ईरानी तेल की तस्करी से जुड़े एक अन्य टैंकर को पकड़ने के बाद आया है, जिससे ईरान के साथ तनाव और बढ़ गया है.

जहाज की ट्रैकिंग और मार्ग
युद्ध विभाग के अनुसार, अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में गिनी के ध्वज वाले तेल टैंकर “मैजेस्टिक एक्स” को रोककर अपने कब्जे में ले लिया. विभाग ने जहाज के डेक पर मौजूद लोगों का वीडियो भी जारी किया. जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, मैजेस्टिक एक्स श्रीलंका और इंडोनेशिया के बीच उसी जगह पर था, जहां इससे पहले एक अन्य टैंकर “टिफानी” को भी अमेरिकी सेना ने पकड़ा था. बताया जा रहा है कि यह जहाज चीन के झोउशान की ओर जा रहा था.
जहाजों पर हमला और कब्जा
यह टैंकर पहले “फोनिक्स” नाम से चलता था और 2024 में अमेरिकी वित्त विभाग ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था क्योंकि इस पर ईरानी कच्चे तेल की तस्करी और अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप था. इस घटना के बाद ईरान की तरफ से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
ये ताजा घटनाक्रम तब सामने आए जब ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जलडमरूमध्य में तीन मालवाहक जहाजों पर हमला किया और उनमें से दो को अपने कब्जे में ले लिया.
समुद्री यातायात पर असर
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष के बाद से फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में 30 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया गया है. लगातार हमलों और बीमा लागत बढ़ने के कारण इस मार्ग से होने वाला समुद्री यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस संकरे जलमार्ग को रोकने या नियंत्रित करने की ईरान की क्षमता इस टकराव में एक अहम रणनीतिक हथियार बन गई है.
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