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65 लाख में सौदा, 167 अभ्यर्थियों की जांच, CBI ने पूछताछ के बाद कई संदिग्ध छोड़े

NEET Paper Leak : नीट पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई नए पहलू सामने आ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि राजस्थान एसओजी ने जिन 167 अभ्यर्थियों को पेपर प्राप्त करने के शक में चिन्हित कर उनसे पूछताछ की थी, वहीं मामला सीबीआई के पास जाने के बाद अब तक किसी भी उम्मीदवार को साथ लेकर आगे की कार्रवाई नहीं की गई है. बताया जा रहा है कि एसओजी द्वारा चिह्नित करीब 8 अभ्यर्थियों से सीबीआई ने लगभग 20 घंटे तक पूछताछ जरूर की, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पेपर का प्रसार कुछ सीमित लोगों तक ही नहीं था, बल्कि यह सैकड़ों छात्रों तक पहुंच चुका था. इसी वजह से मामला अब सिर्फ नकल या किसी छोटे गिरोह तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे एक संगठित नेटवर्क और बड़ी साजिश के रूप में देखा जा रहा है.

शिक्षा मंत्री के आवास पर अहम बैठक

यह भी सामने आया है कि जब कुछ अभ्यर्थियों को भौतिक विज्ञान का प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं कराया गया, तो उन्होंने गैंग को भुगतान करने से इनकार कर दिया. इसके बाद गिरोह ने कथित रूप से 2027 की नीट परीक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे छात्रों की तलाश शुरू कर दी, जो पहले से ही पैसे देने को तैयार हों.

इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर गुरुवार देर रात इस मामले को लेकर एक अहम बैठक हुई, जिसमें आगामी नीट परीक्षा की तैयारियों पर चर्चा की गई. बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और परीक्षा व्यवस्था के अलग-अलग पहलुओं की समीक्षा की गई.

कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की आशंका

प्रारंभिक जांच में यह भी दावा किया गया है कि प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के बदले गिरोह ने जमवारामगढ़ के कथित मास्टरमाइंड दिनेश बिंवाल से लगभग 80 लाख रुपये लिए थे. बाद में सौदा 65 लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें 40 लाख रुपये अग्रिम दिए गए थे.

पुलिस हिरासत में दिनेश बिंवाल और उसके भाई वस्तुलाल से हुई पूछताछ के बाद यह जानकारी सामने आई. इसके आधार पर जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है.

देशभर में 14 ठिकानों पर छापेमारी

इसी बीच, सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले में देशभर में 14 स्थानों पर छापेमारी कर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें महाराष्ट्र के पुणे से मनीषा वाघमारे और अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे शामिल हैं. अब तक इस मामले में कुल सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है.

कई राज्यों से जुड़े आरोपी शामिल

सीबीआई ने मंगलवार को पकड़े गए पांच आरोपियों को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को सात दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया. इनमें जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी दिनेश बिंवाल, उसका भाई मांगीलाल बिंवाल, मांगीलाल का बेटा विकास, गुरुग्राम का यश यादव और महाराष्ट्र के नासिक का शुभम खैरनार शामिल हैं.

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