Uttarakhand News : उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में ऐसे कई बच्चे सामने आ रहे हैं जो जन्मजात हृदय दोष, श्रवण या दृष्टि कमजोरियों, ऑटिज्म, विकास में देरी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन बच्चों के समय पर इलाज और नियमित फॉलोअप को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) को अब 104 हेल्पलाइन सेवा से जोड़ा जा रहा है।
डिजिटल रूप से किया जाएगा ट्रैक
इस नई व्यवस्था के तहत 32 से अधिक गंभीर बीमारियों से प्रभावित बच्चों की स्क्रीनिंग से लेकर रेफरल, उपचार और लगातार निगरानी तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा बीच में इलाज से वंचित न रह जाए।
104 हेल्पलाइन से साधे परिवारों से संपर्क
पहाड़ी इलाकों में अक्सर जागरूकता की कमी, लंबी दूरी और आर्थिक समस्याओं के कारण इलाज अधूरा रह जाता है, जिसे देखते हुए अब 104 हेल्पलाइन परिवारों से सीधे संपर्क कर उन्हें अस्पताल, जरूरी दस्तावेज और आगे की प्रक्रिया की जानकारी देगी।
आंगनबाड़ी और स्कूलों में स्क्रीनिंग
यदि किसी बच्चे का इलाज बीच में रुक जाता है तो सिस्टम उसे फिर से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से परिवार से संवाद करेगा और फॉलोअप सुनिश्चित करेगा। इस पहल के माध्यम से आंगनबाड़ी और स्कूलों में होने वाली स्क्रीनिंग के बाद हर मामले को डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज कर आगे की चिकित्सा व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
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