धर्म

अक्षय तृतीया पर क्यों मिलता है कई गुना पुण्य? जानिए इसका सरल आध्यात्मिक महत्व

Akshaya Tritiya 2026 : अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का एक अत्यंत शुभ और पवित्र पर्व माना जाता है. पंचांग के अनुसार यह हर वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. वर्ष 2026 में यह पावन दिन 19 अप्रैल, रविवार को पड़ रहा है. इस दिन को नई शुरुआत, दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार “अक्षय” शब्द का अर्थ होता है जिसका कभी क्षय न हो या जो कभी समाप्त न हो. इसी कारण इस दिन किए गए अच्छे कर्म, दान और सेवा का फल अक्षय माना जाता है. यही वजह है कि इस अवसर पर लोग धार्मिक कार्यों और दान-पुण्य को विशेष महत्व देते हैं.

स्नान, दान और पूजा का महत्व

अक्षय तृतीया के दिन स्नान, दान और पूजा-पाठ को विशेष महत्व दिया जाता है. मान्यता है कि इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या जल दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है. कई लोग इस दिन नए कार्यों की शुरुआत भी करते हैं, क्योंकि इसे अत्यंत शुभ मुहूर्त माना जाता है.

विष्णु-लक्ष्मी पूजा और आध्यात्मिक संदेश

इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा भी है, जिससे घर में शांति, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. साथ ही लोग अपने जीवन में अच्छे विचार अपनाने और बुरी आदतों को छोड़ने का संकल्प लेते हैं. कुल मिलाकर, यह पर्व हमें दया, सेवा और अच्छे कर्मों के महत्व का संदेश देता है.

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