Hormuz Security : अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम लागू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पश्चिमी देशों ने एक नया रक्षात्मक कदम उठाया है. फ्रांस के नेतृत्व में लगभग 15 देश इस बहुराष्ट्रीय मिशन की योजना बना रहे हैं.
इस मिशन का उद्देश्य पूरी तरह रक्षात्मक है और इसका संचालन ईरान के सहयोग से होगा. योजना के तहत तेल और अन्य वस्तुएं ढोने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जाएगा, ताकि व्यापार बाधित न हो और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित न हो.
व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षा और एस्कॉर्ट
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत मार्ग है. यदि यह मार्ग असुरक्षित रहा या बंद हो गया, तो वैश्विक तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं, जिससे हर देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है. हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई जहाजों ने इस मार्ग से गुजरना रोक दिया था.
फ्रांस के राष्ट्रपति ने रक्षा सलाहकारों और मंत्रियों के साथ बैठक में बताया कि मिशन में शामिल देश पूरी योजना तैयार कर चुके हैं. इसमें कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं होगी, केवल व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षा कवच और एस्कॉर्ट प्रदान किया जाएगा. यह योजना अमेरिका की प्रत्यक्ष भागीदारी के बिना भी लागू की जाएग.
होर्मुज में सुरक्षित नौवहन और व्यापार बहाली
इस रक्षात्मक मिशन में फ्रांस की नौसेना की फ्रिगेट्स और अन्य देशों के जहाज शामिल हो सकते हैं. उद्देश्य यह है कि होर्मुज में स्वतंत्र और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित किया जा सके. यदि योजना सफल रही, तो व्यापार फिर से सुचारू रूप से बहाल होगा और वैश्विक तेल की कीमतें स्थिर रह सकती हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम सीजफायर के बाद क्षेत्र में भरोसा बढ़ाने और व्यापार को सुचारू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है.
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