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“सीखने की कोई उम्र नहीं”- रायबरेली के 70 वर्षीय राजाराम मौर्य ने पाली भाषा से पास की हाईस्कूल परीक्षा

Raebareli News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक अच्छी खबर सामने आई है. जहाँ यह साबित हुआ है कि सीखने और पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती. रायबरेली के राजाराम मौर्य ने 70 वर्ष की आयु में गुरुवार को घोषित यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम में पाली भाषा से हाईस्कूल की परीक्षा पास की है. मूल रूप से मोगा के निवासी राजाराम मौर्य का जन्म 11 दिसंबर 1956 को हुआ था, उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ और परास्नातक हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला से की है.

राजाराम मौर्य के अनुसार, उनके पूर्वजों से जुड़े सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक मौर्य के शिलालेख पाली भाषा में हैं, जिसे जानने की जिज्ञासा ने उन्हें इस उम्र में फिर से पढ़ाई के लिए प्रेरित किया, उन्होंने 5 मार्च 1981 को पंजाब नेशनल बैंक में क्लर्क कम कैशियर के रूप में सेवा शुरू की थी और 31 दिसंबर 2016 को स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर, गोमती नगर, लखनऊ से सेवानिवृत्त हुए.

परिवार का शिक्षा से गहरा जुड़ाव

उनका परिवार भी शिक्षा से जुड़ा है. उनकी पत्नी अंजू बाला के साथ मिलकर उन्होंने अपने बच्चों को शिक्षित किया है. उनकी बड़ी बेटी आरती मौर्य कानपुर देहात में प्रधानाध्यापिका हैं, दूसरी बेटी मीनाक्षी केंद्रीय विद्यालय में अध्यापिका हैं, तीसरी बेटी बीनू सहायक अध्यापिका हैं. बेटा अमित विक्रम सीनियर इंजीनियर है और बहू लवली बेंगलुरु की एक कंपनी में एचआर पद पर कार्यरत हैं. सबसे छोटी बेटी डॉली लखनऊ के एक स्कूल में अध्यापिका हैं.

शिक्षा प्रणाली में बदलाव और प्रेरणादायक संदेश

राजाराम मौर्य ने बताया कि 1974 में उन्होंने 62 प्रतिशत अंकों के साथ हाईस्कूल पास किया था. उनके अनुसार, पहले शिक्षा प्रणाली में वर्णनात्मक प्रश्न होते थे, जिससे अधिक अंक लाना कठिन था, जबकि अब वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के कारण अच्छे अंक प्राप्त करना अपेक्षाकृत आसान हो गया है, उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी उम्र, जाति या धर्म की मोहताज नहीं होती और सीखने की इच्छा हो तो किसी भी उम्र में पढ़ाई की जा सकती है.

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