Haryana

हर‍ियाणा के संत रामपाल आज आएंगे जेल से बाहर, 11 साल बाद होंगे रिहा, सोनीपत जाने की चर्चा, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

Haryana News : हिसार के सतलोक आश्रम मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल को अब जेल से रिहाई मिल सकती है। जानकारी के अनुसार, हत्या के दो मामलों में अदालत के आदेश के बाद 5-5 लाख रुपये के बेल बॉन्ड जमा करा दिए गए हैं, जिसके बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।

सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद

सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और संबंधित दस्तावेज जेल प्रशासन को सौंप दिए गए हैं। चर्चा है कि रिहाई के बाद रामपाल सीधे सोनीपत स्थित अपने आश्रम जा सकते हैं, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और कई स्थानों पर नाकेबंदी बढ़ा दी गई है।

दिल्ली नंबर की डिफेंडर गाड़ी पहुंची

बताया जा रहा है कि जेल परिसर में दिल्ली नंबर की एक डिफेंडर गाड़ी भी पहुंची है, जिससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि रामपाल जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, देशद्रोह से जुड़े मामले में जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ है।

6 लोगों की हुई थी मौत

गौरतलब है कि 2014 में बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस और समर्थकों के बीच हुए टकराव में 6 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इसी मामले में रामपाल की गिरफ्तारी हुई थी और तब से वे जेल में बंद हैं।

58 की गवाही बेहद अहम मानी गई

लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मामले में करीब 425 गवाह पेश किए गए, जिनमें से 58 की गवाही को बेहद अहम माना गया। इसी बीच, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से उन्हें बड़ी राहत मिली है। अदालत ने ट्रायल में देरी, लंबे समय से जेल में बंद रहने और उम्र को देखते हुए उन्हें नियमित जमानत देने का आदेश दिया।

425 गवाहों की गवाही कम हुई

सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में गंभीर आरोप हैं और गिरफ्तारी के समय भारी हिंसा हुई थी, जिसमें पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि रामपाल लगभग 11 वर्षों से जेल में हैं और केस का ट्रायल बेहद धीमी गति से चल रहा है। कई सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है और 425 गवाहों में से बहुत कम की ही गवाही पूरी हो पाई है।

जमानत रद्द कराने का पूरा अधिकार

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि लंबी हिरासत और ट्रायल की धीमी रफ्तार को देखते हुए जमानत दी जा सकती है। हालांकि, अदालत ने सख्त शर्तें भी लगाई हैं कि रिहाई के बाद रामपाल किसी भी प्रकार की भीड़ इकट्ठा नहीं करेंगे और कानून-व्यवस्था को प्रभावित नहीं करेंगे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जमानत शर्तों का उल्लंघन होता है तो सरकार को उनकी जमानत रद्द कराने का पूरा अधिकार रहेगा।

ये भी पढ़ें- ईरान-यूएस तनाव बढ़ा, ट्रम्प ने चेतावनी दी: समझौता नहीं माना तो होगी भारी गोलीबारी

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button