Sonipat ACB Action : सोनीपत में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसीलदार कार्यालय की सेल्स ब्रांच में तैनात एक क्लर्क को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई कमरा नंबर-11 में की गई, जहां आरोपी को शिकायतकर्ता से पैसे लेते समय पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद पूरे प्रशासनिक परिसर में हड़कंप मच गया।
क्लीयरेंस सर्टिफिकेट के लिए मांगी रिश्वत
शिकायतकर्ता के अनुसार, क्लर्क ने क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में 30 हजार रुपये में तय किया गया। लगातार परेशान किए जाने और फाइल को लंबित रखने के बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत ACB से की, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध ट्रैप लगाकर आरोपी को पकड़ लिया।
संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य किए जब्त
कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने मौके से रिश्वत की राशि भी बरामद की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। आरोपी क्लर्क के हाथ धुलवाने सहित सभी फॉरेंसिक औपचारिकताएं की गईं, ताकि सबूत मजबूत किए जा सकें। टीम ने संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य भी जब्त किए हैं।
तहसील कार्यालयों में रिश्वत आम हो चुकी- शिकायतकर्ता
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि नगर निगम और तहसील कार्यालयों में बिना रिश्वत के काम न होने की प्रवृत्ति आम हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि रिकॉर्ड और दस्तावेज उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों को लंबे समय तक परेशान किया जाता है और पैसे देने पर ही फाइल आगे बढ़ती है।
मामले की आगामी जांच जारी
ACB अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जा सकता है, ताकि पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की जांच की जा सके। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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