Sant Ravidas Nagar : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले का नाम दोबारा ‘संत रविदास नगर’ करने का ऐलान किया है. वाराणसी में बीजेपी के ‘समरसता संकल्प अभियान’ की शुरुआत के दौरान उन्होंने इसकी घोषणा की. इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए, उन्होंने कहा, “भदोही का नाम बदल दिया, अच्छी बात है. ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ वाली कहावत भी संत रविदास जी से जुड़ी है.”
उन्होंने कहा कि जिस संत के नाम पर जिले का नाम रखा गया है, सरकार को उनके विचारों को भी पढ़ना और अपनाना चाहिए. अखिलेश ने उम्मीद जताई कि संत रविदास के विचारों को समाज तक पहुंचाने का काम भी किया जाएगा.
सरकार पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि केवल नाम बदलने से संतों के आदर्शों का पालन नहीं होता, उन्होंने कहा कि सरकार को सामाजिक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी काम करना चाहिए, उन्होंने यह भी कहा कि जब सरकार को लोगों को जोड़ने की जरूरत महसूस होती है, तब ऐसे फैसले सामने आते हैं.
सपा प्रमुख ने कन्नौज के नाम परिवर्तन का भी जिक्र किया और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के पालन की बात कही.
क्या है भदोही के नाम का इतिहास?
आपको बता दें कि भदोही पहले वाराणसी जिले का हिस्सा था. बाद में इसे अलग जिला बनाकर ‘संत रविदास नगर’ नाम दिया गया था. दिसंबर 2014 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने जिला मजिस्ट्रेट की सिफारिश के आधार पर इसका नाम बदलकर ‘भदोही’ कर दिया था. अब वर्ष 2026 में राज्य सरकार इसे फिर से ‘संत रविदास नगर’ नाम देने जा रही है.
ये भी पढ़ें- अजिंक्य रहाणे ने लिया संन्यास, लेकिन कप्तानी का ये रिकॉर्ड आज तक कोई नहीं तोड़ पाया
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









