Paper Leak Case : पेपर लीक मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार का घेराव किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल में लगभग सवा लाख स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया, और 12 साल में ये पहली बार है जब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया गया। वहीं प्रदर्शन के दौरान सरकार ने छात्रों की बात बिल्कुल नहीं सुनी। स्टूडेंट्स पर जमकर लाठी बरसाई गई। कई छात्र गंभीर रुप से घायल हो गए।
… और स्टूडेंट्स पीटते रहेंगे- मल्लिकार्जुन खड़गे
लोकसभा में बुधवार को करीब 7 घंटे बहस के बाद पेपर लीक से जुड़ा बिल पारित हुआ था। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में पेपर लीक से जुड़ा बिल पेश किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि संशोधन बिल में कुछ भी नया नहीं है। महज़ आंकड़ो में बदलाव किए गए है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पेपर चोरी करने वाले बचते रहेंगे, और स्टूडेंट्स पीटते रहेंगे।
सरकार शिक्षा प्रणाली को करे पारदर्शी
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार को स्टूडेंट और जनदबाव के चलते कदम पीछे करने पड़े हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना और यह संशोधन बिल को लाना स्टूडेंट्स के हित में नहीं बल्कि सरकार को अपनी कुर्सी बचाने की मजबूरी रही। खड़गे ने कहा कि जुर्माना 1 से 10 करोड़ करना, टास्क फोर्स, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने से काम नहीं चलेगा। सरकार को चाहिए कि शिक्षा प्रणाली को पारदर्शी किया जाए।
सुधार के बजाय RSS की भर्ती
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि कुछ ही सालों के भीतर 150 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जिसमें दोषियों को कोई सजा नहीं मिली, ना ही कोई जुर्माना और गिरफ्तारी की गई। NTA के कई पद खाली हैं, वहीं सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने के बजाय RSS से संबंधित लोगों की नियुक्तियां कर रही है।
या तो जवाब दें या फिर इस्तीफा
वहीं खड़गे ने गृह मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बेकसूर बच्चों पर लाठियां-डंड़े और पैलेट गन का प्रयोग किया गया, जबकि छात्र जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, या तो गृहमंत्री शाह इसका जवाब दें, नहीं तो इस्तीफा दें।
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