Kangana Controversy : अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत अपने बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। युवा हिंदू महिलाओं की जीवनशैली और भाषा को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर अपनी सफाई दी।
कंगना ने वीडियो में मीडिया और कुछ तथाकथित फेमिनिस्टों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने भारतीय समाज में सिविक सेंस, अनुशासन और सांस्कृतिक मर्यादा की जरूरत पर जोर दिया। कंगना ने कहा कि अभद्रता को स्वीकार नहीं किया जा सकता और अगर कोई व्यक्ति सामाजिक मर्यादाओं का पालन नहीं कर सकता तो उसे अपनी सीमाओं को समझना होगा।
किसी की भावनाओं का सम्मान करना जरूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कंगना ने कहा कि कुछ बच्चे उन्हें अपना एग्जाम बडी मानते हैं, जबकि कई लोग उन्हें अपना नेता, मार्गदर्शक और आराध्य मानते हैं। ऐसे में किसी की भावनाओं का सम्मान करना जरूरी है।
अपने इंस्टाग्राम वीडियो में कंगना ने आरोप लगाया कि मीडिया उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर केवल टीआरपी और फॉलोअर्स के लिए पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनके सकारात्मक संदेशों, जैसे स्काईरूट कार्यक्रम की सफलता पर बधाई और नीट परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं देने वाली बातों को नजरअंदाज किया गया।
अपने बयान का बचाव करते हुए कंगना ने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि बच्चों को ऐसी अश्लील भाषा और व्यवहार से जोड़कर देखा जाए, जिससे परिवार के सामने शर्मिंदगी महसूस हो। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवहार को सामान्य नहीं बनाया जाना चाहिए।
मर्यादा और गरिमा समाज का हिस्सा
कंगना ने उन लोगों पर भी सवाल उठाए जो महिलाओं की स्वतंत्रता के नाम पर हर तरह के व्यवहार को सही ठहराने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि मर्यादा और गरिमा समाज का हिस्सा हैं और हर व्यक्ति को सामाजिक नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी को समाज में रहना है तो उसे संविधान और नियमों के अनुसार चलना होगा। कंगना के मुताबिक, स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि किसी अन्य व्यक्ति की भावनाओं या सामाजिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जाए।
भाषा में गरिमा बनाए रखना जरूरी
सार्वजनिक जीवन में भाषा और व्यवहार को लेकर कंगना ने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति या उसके परिवार के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करना सामान्य बात नहीं हो सकती। उन्होंने दोहराया कि दूसरों का सम्मान करना और भाषा में गरिमा बनाए रखना जरूरी सिविक सेंस का हिस्सा है।
VIDEO देखने के लिए क्लिक करें- https://www.instagram.com/reel/DbXh12WzlMy/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=NTc4MTIwNjQ2YQ==
गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं भी दीं
कंगना ने युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें ऐसी सोच से प्रभावित नहीं होना चाहिए जो उन्हें गलत दिशा में ले जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर हर व्यक्ति को एक सीमा और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने सभी के बेहतर भविष्य और सद्बुद्धि की कामना करते हुए गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं भी दीं।
आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
गौरतलब है कि यह विवाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए जेन जी के छात्र प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ था। 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद कुछ आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
SM यूजर्स के बीच बयानबाजी जारी
इन्हीं वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने पहले भी कहा था कि उन्होंने अपनी जिंदगी में इतनी अभद्र भाषा और व्यवहार एक साथ कभी नहीं देखा। इसके बाद से ही कंगना और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच बयानबाजी जारी है।
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