PoK Protest : पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक टीवी इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि PoK में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों को वह भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी।
32 प्रदर्शनकारियों की मौत, 50 घायल
ख्वाजा आसिफ का यह बयान उस वक्त आया है, जब PoK में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान पिछले दो दिनों में 32 प्रदर्शनकारियों की मौत होने की बात सामने आई है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। यहां जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में चुनाव व्यवस्था के विरोध में मार्च निकाला गया था।
PoK में धारा-144 लागू, इंटरनेट भी बंद
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग PoK विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों को खत्म करने की है। हालात बिगड़ने के बाद पाकिस्तान सरकार ने पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त सेना, पैरामिलिट्री और आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी की तैनाती कर दी है। इसके साथ ही PoK में धारा-144 लागू कर इंटरनेट सेवाओं को भी बंद कर दिया गया है।
प्रदर्शनकारियों के पास थे आधुनिक हथियार
मंगलवार को JAAC के बैनर तले करीब 5 हजार प्रदर्शनकारी रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च कर रहे थे। संगठन का आरोप है कि सुरक्षाबलों ने बिना किसी उकसावे के प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि प्रदर्शनकारियों के पास आधुनिक हथियार थे और उन्होंने पहले सुरक्षाबलों पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
क्या है 12 शरणार्थी सीटों का विवाद?
PoK विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें 8 सीटें महिलाओं, टेक्नोक्रेट्स और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित हैं। बाकी 45 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं। इन्हीं में से 12 सीटें उन कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो 1947 और उसके बाद जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान चले गए थे।
इन 12 सीटों के मतदाता PoK में नहीं रहते, बल्कि पाकिस्तान के पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और अन्य क्षेत्रों में रहते हैं। इस बार इन सीटों पर करीब 6 लाख मतदाताओं के मतदान करने की संभावना है।
वहां रहने वाले लोगों को ही मतदान…
JAAC का आरोप है कि इन आरक्षित सीटों के जरिए इस्लामाबाद की राजनीतिक पार्टियां PoK की सत्ता में हस्तक्षेप करती हैं। संगठन का कहना है कि कई बार इन सीटों के परिणाम विधानसभा में बहुमत का समीकरण बदल देते हैं। इसी वजह से JAAC मांग कर रहा है कि PoK विधानसभा के चुनाव में केवल वहां रहने वाले लोगों को ही मतदान का अधिकार मिले और 12 शरणार्थी सीटों की व्यवस्था समाप्त की जाए।
पाकिस्तान के विपक्षी दल भी इन सीटों को लेकर सवाल उठा चुके हैं। कई दलों का आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल चुनावी परिणामों को प्रभावित करने के लिए किया जाता है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समेत कई राजनीतिक दल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर पहले भी सवाल उठा चुके हैं।
क्या है JAAC?
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) PoK के कई राजनीतिक दलों, ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों का गठबंधन है। यह संगठन पिछले कुछ वर्षों से स्थानीय अधिकारों, प्रशासनिक फैसलों और जनहित के मुद्दों को लेकर आंदोलन करता रहा है। साल 2024 में भी JAAC ने महंगाई, बिजली बिल और टैक्स के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद संगठन फिर से क्षेत्र में सक्रिय हुआ है।
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