Anti Paper Leak Bill : दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद सोमवार को लोकसभा में केंद्र सरकार एंटी पेपर लीक बिल पेश करने जा रही है. इस बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के आसार हैं. वहीं, समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने बिल को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल कानून बना देने से पेपर लीक नहीं रुकेगा.
रामगोपाल यादव ने कहा, “क्या सिर्फ बिल से पेपर लीक रुक जाएगा? कठोर दंड की व्यवस्था धारा 302 में भी है, जिसमें आजीवन कारावास या फांसी की सजा है. क्या उससे अपराध पूरी तरह रुक गए? सिर्फ कानून बना देने से यह समस्या खत्म नहीं होगी.”
पेपर कहां से होता है लीक?
सपा सांसद ने कहा कि पेपर लीक या तो प्रश्नपत्र तैयार करने वाले स्तर से होता है, या जहां उसकी छपाई होती है, या फिर कुछ बड़े कोचिंग सेंटरों से, जिनकी पहुंच काफी अधिक होती है. उनके मुताबिक, इन जगहों पर मिलीभगत होने की संभावना रहती है.
रामगोपाल यादव ने परीक्षा सुधार के लिए बनाई गई टास्क फोर्स कमेटी पर भी सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि जब से परीक्षा प्रक्रिया में डिजिटलीकरण बढ़ा है, तभी से इस तरह के मामले सामने आने लगे हैं. रामगोपाल का कहना है कि डिजिटल सिस्टम को हैक करना और जानकारी लीक करना आसान हो सकता है. केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश करेगी. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस बिल को सदन में पेश करेंगे. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
परीक्षा सुधार के लिए बनी टास्क फोर्स
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधार के लिए छह सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है. इस टास्क फोर्स के अध्यक्ष टेक्नोक्रेट नंदन नीलेकणि को बनाया गया है. वहीं, विपक्षी दल छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर भी सरकार को घेरने की तैयारी में हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों पर कथित रूप से पेलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा उठा चुके हैं. खबरों के मुताबिक, विपक्ष केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर माफी की मांग कर सकता है.
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