Sambhal Kanwar Yatra 2026 : उत्तर प्रदेश के संभल में सावन माह और कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. इस बार जनपद में करीब तीन लाख से साढ़े तीन लाख कांवड़ियों के आने का अनुमान लगाया गया है. इसे देखते हुए सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा समेत सभी व्यवस्थाओं की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं. अधिकारी लगातार मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं.
3 अगस्त को पहला सोमवार
जिलाधिकारी ने बताया कि श्रावण मास का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है. इससे पहले गुरु पूर्णिमा का पर्व भी है. कांवड़ियों का आवागमन शुरू हो चुका है और गंगाजल लेने के लिए श्रद्धालु गंगा घाटों की ओर रवाना हो रहे हैं. प्रशासन का अनुमान है कि इस बार तीन लाख से साढ़े तीन लाख श्रद्धालु संभल जनपद से होकर गुजरेंगे या यहां धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगे.
सभी विभागों को दिए गए निर्देश
कांवड़ यात्रा को लेकर सभी संबंधित विभागों की समन्वय बैठक आयोजित की जा चुकी है. बैठक में सड़क मरम्मत, मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता, शिविरों के आसपास साफ-सफाई, अग्नि सुरक्षा और विद्युत सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा की गई. संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं.
होटल-ढाबों की होगी जांच
डीएम ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट की खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार जांच की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन मिल सके. शासन के निर्देशों के अनुसार ऐसे सभी प्रतिष्ठानों का एफएसएसएआई के अंतर्गत पंजीकरण कराया जा रहा है और आवश्यक स्टिकर भी लगाए जा रहे हैं.
85 ड्यूटी मजिस्ट्रेट किए गए तैनात
वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने बताया कि पूरे कांवड़ मार्ग पर कुल 85 ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं. सभी अधिकारियों को उनके ड्यूटी प्वाइंट आवंटित कर दिए गए हैं और वे लगातार अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं. पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें भी लगातार निगरानी रखेंगी.
जिलाधिकारी ने कहा कि धार्मिक स्थलों के 50 मीटर के दायरे में मीट की दुकानें बंद रखने के शासन के निर्णय का पूरी तरह पालन कराया जा रहा है. संबंधित विभाग इसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं.
कांवड़ और डीजे की ऊंचाई पर रहेगा नियंत्रण
कांवड़ और डीजे की ऊंचाई को लेकर प्रशासन सख्त है. जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि प्रदेश में निर्धारित मानकों के अनुसार ही कांवड़ और डीजे की ऊंचाई का पालन कराया जाएगा. प्रत्येक कांवड़ जत्थे और आयोजकों से अंडरटेकिंग भी ली जा रही है. भाला, त्रिशूल और अन्य पारंपरिक सामग्री को लेकर जिलाधिकारी ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं और आयोजकों को पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी गई है. बैठकों के माध्यम से आवश्यक निर्देश साझा किए गए हैं और सभी पक्षों ने प्रशासन को सहयोग का आश्वासन दिया है.
घाटों पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
लगातार हो रही बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने का निर्णय लिया है. सभी प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग कराई जा रही है. सुबह और देर शाम होने वाले जलाभिषेक को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जा रही है. इसके अलावा अधिक जलस्तर वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं.
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने भरोसा जताया कि प्रशासन, पुलिस और सभी विभागों के आपसी समन्वय से इस बार भी संभल में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाएगा.
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