NEET Protest Arrest : नीट पेपर लीक मामले और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए छात्र आंदोलनों के बाद अब गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को लेकर नया विवाद सामने आया है. छात्र संगठन आइसा ने दावा किया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी बिहार की अलग-अलग जेलों में 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी बंद हैं.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठ चुकीं एक्टिविस्ट और ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने यह दावा किया है, उन्होंने कहा कि यदि गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन जारी रहेगा. नेहा बोरा सोमवार (27 जुलाई) को पटना जाकर गिरफ्तार छात्रों से मुलाकात करेंगी.
बेउर जेल में बंद हैं छात्र नेता
नेहा बोरा के मुताबिक, एक तरफ लोग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी है, उन्होंने कहा कि बिहार में पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ के साथ आइसा के एक्टिविस्ट धनंजय, सबा, दीपांकर और दिव्यम को करीब तीन दिनों से बेउर जेल में रखा गया है.
9 से ज्यादा मुकदमे दर्ज होने का दावा
उनका दावा है कि इन लोगों के खिलाफ नौ से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) का मामला भी शामिल है. नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि एक दिन के प्रदर्शन के आधार पर फर्जी मुकदमे लगाए जा रहे हैं. उनका कहना है कि बिहार की अलग-अलग जेलों में 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी अभी भी बंद हैं.
नेहा बोरा ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भी लगभग 14 छात्रों को पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने के कारण जेल में रखा गया है. उनके अनुसार, गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर मुस्लिम छात्र हैं. नेहा बोरा ने कहा कि छात्रों के खिलाफ हो रही कार्रवाई प्रदर्शनकारियों से किए गए वादों के खिलाफ है. उनका कहना है कि यह उस वादे का उल्लंघन है, जिसमें कहा गया था कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे.
पटना जाएंगी नेहा बोरा
नेहा बोरा सोमवार (27 जुलाई) को पटना जाकर बेउर जेल में बंद छात्रों और उन प्रदर्शनकारियों से मुलाकात करेंगी, जिन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, उन्होंने लोगों से बेउर जेल पहुंचने की अपील भी की है.
वहीं, सीजेपी ने इस मामले पर कहा है कि दिल्ली समझौते के तहत सभी छात्र प्रदर्शनकारियों को तत्काल रिहा किया जाए और उनके साथ किसी भी तरह की गलत कार्रवाई न हो.
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