Petrol Diesel Price : पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिल सकती है. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ता कच्चा तेल उपलब्ध होने के बाद जब उसका स्टॉक भारतीय तेल कंपनियों तक पहुंचेगा, तब ईंधन के दाम कम होने की संभावना बनेगी. हालांकि, फिलहाल कंपनियों के पास पहले से अधिक कीमत पर खरीदा गया कच्चा तेल मौजूद है, इसलिए इसमें कुछ समय लग सकता है.
उत्तर प्रदेश में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पुरी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतें अन्य कई देशों की तुलना में नियंत्रित बनी हुई हैं, उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार ने नवंबर 2021, मई 2022 और वर्ष 2026 में पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कटौती की थी.
7.60 रुपये तक सीमित बढ़ोतरी
मंत्री के अनुसार, इन फैसलों के कारण सरकार ने प्रति लीटर करीब 10 रुपये तक का असर स्वयं वहन किया है, उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अब तक की बढ़ोतरी लगभग 7.60 रुपये प्रति लीटर तक सीमित रही है.
इन आधारों पर तय होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम कई कारकों को ध्यान में रखकर तय किए जाते हैं. इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, रिफाइनिंग की लागत, परिवहन खर्च और तेल कंपनियों द्वारा निर्धारित बेस प्राइस शामिल हैं.
इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स, साथ ही पेट्रोल पंप डीलरों को दिया जाने वाला कमीशन भी अंतिम कीमत में जुड़ता है. राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर वैट (VAT) वसूलती हैं. इन सभी घटकों को जोड़ने के बाद ग्राहकों के लिए पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत तय की जाती है.
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