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हॉर्मुज स्ट्रेट के लिए ईरान के नए नियम, तेल-गैस कारोबार की बढ़ी चिंता

Iran-US Deal : अमेरिका- ईरान के बीच हुए समझौते के बाद दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से व्यावसायिक जहाजों के संचालन के लिए खोल दिया गया है. इसके साथ ही ईरान ने इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए कुछ नए नियम लागू कर दिए हैं, जिनका असर वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है.

नए प्रावधानों के तहत अब किसी भी देश के जहाज को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए पहले से पंजीकरण कराना होगा. साथ ही संबंधित सरकारी मंजूरी और वैध बीमा (इंश्योरेंस) होना भी अनिवार्य होगा. इन शर्तों को पूरा किए बिना किसी जहाज को इस समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं मिलेगी. ईरान के अनुसार, इन कदमों का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत करना है.

PGSA संभालेगी पूरी प्रक्रिया

इस प्रक्रिया के संचालन के लिए ईरान ने ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA)’ नामक नई संस्था का गठन किया है. यह संस्था जहाजों के पंजीकरण, अनुमति और आवागमन से जुड़ी प्रक्रियाओं की निगरानी करेगी.

नियमों के अनुसार, हॉर्मुज स्ट्रेट में प्रवेश करने वाले जहाजों को 48 घंटे पहले अपनी ट्रांजिट रिक्वेस्ट जमा करनी होगी. इसके अलावा सभी जहाजों को निर्धारित सुरक्षित कॉरिडोर का ही उपयोग करना होगा, ताकि समुद्री मार्ग पर सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सके.

दुनिया की ऊर्जा सप्लाई का अहम मार्ग

हॉर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है. दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) की ढुलाई इसी मार्ग से होती है. ऐसे में यहां लागू होने वाले किसी भी नए नियम का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है.

ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई जहाज निर्धारित नियमों, शर्तों या तय मार्ग का उल्लंघन करता है, तो उससे होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी संबंधित जहाज के मालिकों और ऑपरेटरों की होगी. विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए नियमों का असर अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है.

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