US Iran Tension : अमेरिका द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को लेकर शुरू किए गए कथित “प्रोजेक्ट फ्रीडम” को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार 4 मई को इस अभियान की शुरुआत की गई थी, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में शिपिंग गतिविधियों को सुचारु बनाना बताया गया था, लेकिन अगले ही दिन इसे रोकने का आदेश दे दिया गया।
सऊदी अरब ने अनुमति देने से किया इनकार
दावा किया जा रहा है कि यह फैसला पाकिस्तान के अनुरोध पर लिया गया था, हालांकि बाद में सामने आई रिपोर्टों में कहा गया है कि सऊदी अरब की असहमति भी इस कदम की बड़ी वजह बनी। NBC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब ने अमेरिकी विमानों को अपने एयरस्पेस और सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिससे अभियान प्रभावित हुआ।
बातचीत के बावजूद नहीं बनी सहमति
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बिना विस्तृत समन्वय के इस ऑपरेशन की सार्वजनिक घोषणा कर दी थी, जिससे खाड़ी क्षेत्र के कई सहयोगी देश असहज हो गए। बताया जा रहा है कि सऊदी नेतृत्व इस फैसले से नाराज था और दोनों देशों के बीच बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी। इसी दौरान केवल सीमित संख्या में जहाजों की आवाजाही ही संभव हो पाई, जिसके बाद ऑपरेशन रोक दिया गया।
14 बिंदुओं वाला प्रारंभिक समझौता
इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित समझौते को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशों के बीच 14 बिंदुओं वाला एक प्रारंभिक समझौता तैयार किया गया है, हालांकि इसे अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
चीन-ईरान की उच्च स्तरीय बैठक
अमेरिका ने इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक नया प्रस्ताव भी पेश किया है, जबकि ईरान ने सदस्य देशों से इसे खारिज करने की अपील की है। दूसरी ओर चीन और ईरान के बीच बीजिंग में उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें चीन ने क्षेत्र में तनाव कम करने और युद्ध रोकने की बात कही। ईरान ने आशंका जताई है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते उसके हित प्रभावित हो सकते हैं।
जहाज पर मिसाइल-ड्रोन हमले की आशंका
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया है कि सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की कई सैन्य क्षमताओं को नुकसान पहुंचा है और स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समझौता नहीं होता है तो आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। इसी बीच फ्रांसीसी शिपिंग कंपनी CMA CGM के एक जहाज पर हमले की भी खबर सामने आई है, जिसमें मिसाइल या ड्रोन हमले की आशंका जताई गई है और कुछ क्रू सदस्य घायल हुए हैं।
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