Iran Strait of Hormuz : अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध को आज दो महीने पूरे हो चुके हैं, लेकिन तनाव अब भी बना हुआ है. इस बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुद्दे को सुलझाने की इच्छा जताई है, हालांकि इसके लिए उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने तीन शर्तें रखी हैं.
व्हाइट हाउस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन इस प्रस्ताव से संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है. इसकी बड़ी वजह यह है कि इस डील में ईरान के परमाणु कार्यक्रम का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है. इसी कारण अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान की शर्तों को मानने के पक्ष में नहीं हैं. बताया जा रहा है कि ईरान ने ओमान और पाकिस्तान के माध्यम से इस सप्ताहांत अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वार्ताकारों से मुलाकात के दौरान यह योजना पेश की. प्रस्ताव में पहली शर्त यह रखी गई कि अमेरिका, ईरान और उसके बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी को हटा ले.
मध्य पूर्व में युद्ध खत्म करने की मांग
वहीं, दूसरी शर्त के तहत ईरान ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध को तुरंत समाप्त करने की मांग की है. वहीं तीसरी और सबसे अहम शर्त यह है कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली बातचीत को कूटनीतिक प्रक्रिया के अगले चरण तक स्थगित कर दिया जाए. ईरान का कहना है कि यदि इन शर्तों को स्वीकार कर लिया जाता है, तो वह तुरंत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल देगा, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति बहाल हो सकेगी.
परमाणु मुद्दे को टालने पर आपत्ति
विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के इस प्रस्ताव पर ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम विचार कर रही है. हालांकि खबर यह भी है कि राष्ट्रपति इसे पर्याप्त नहीं मान रहे हैं. इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे को टालने की कोशिश की गई है, जबकि ट्रंप पहले ही साफ कर चुके हैं कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. युद्ध शुरू होने के पीछे भी एक बड़ा कारण तेहरान की परमाणु क्षमता को रोकना बताया गया है.
मार्को रूबियो का सख्त बयान
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ईरान को इस दिशा में आगे बढ़ने की छूट नहीं दे सकता, उन्होंने ईरान की आंतरिक स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां कट्टरपंथी तत्व अब भी मजबूत हैं. वहीं ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ईरान को यह समझने में कठिनाई हो रही है कि उसका वास्तविक नेता कौन है, उन्होंने ईरान में कट्टरपंथियों और नरमपंथियों के बीच जारी टकराव का भी जिक्र किया और इसे ‘पागलपन’ बताया.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है और दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई बाधित हो रही है.
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