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CM नायब सिंह पर अभद्रता के आरोपों से सियासत गरम, अनुराग ढांडा ने उठाए महिला सुरक्षा पर सवाल

Haryana News : हरियाणा में कानून-व्यवस्था को लेकर उठते सवालों के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा का ट्वीट सीधे सत्ता पर चोट करता दिख रहा है, उन्होंने कहा कि जब खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह पर एक महिला पत्रकार से अभद्रता के गंभीर आरोप लग रहे हों, तो प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है. ढांडा ने इसे सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी का प्रतीक बताया और सवाल उठाया कि “जो मुख्यमंत्री सरेआम एक महिला पत्रकार की कलाई पकड़ सकता है, वह पर्दे के पीछे क्या करता होगा?” उनके इस बयान ने हरियाणा में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस को और तेज कर दिया है.

हरियाणा में अपराध के आंकड़े लगातार डराने वाले संकेत दे रहे हैं. NCRB के आंकड़ों के अनुसार राज्य देश में अपराध दर के मामले में टॉप-4 में शामिल रहा है. महिलाओं के खिलाफ अपराधों की बात करें तो हर दिन औसतन 19 घटनाएं सामने आ रही हैं. हत्या, अपहरण और यौन अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. 2023 में करीब 1,800 रेप के मामले दर्ज हुए, जबकि रोजाना औसतन 5 यौन शोषण और 3 हत्या की घटनाएं रिपोर्ट हो रही हैं. ऐसे आंकड़े साफ दिखाते हैं कि जमीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था कमजोर होती जा रही है.

राज्य में 80 से अधिक गैंग सक्रिय

अनुराग ढांडा ने अपने ट्वीट में इसी बिगड़ती स्थिति को जोड़ते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री खुद विवादों में हों, तो प्रशासनिक नियंत्रण की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है, उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में संगठित अपराध और गैंग कल्चर तेजी से बढ़ रहा है. राज्य में 80 से अधिक गैंग सक्रिय बताए जा रहे हैं, जिनमें कई के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन हैं. दिसंबर 2025 तक 300 से ज्यादा गैंगस्टर सक्रिय होने की बात सामने आई है, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

पीड़ित महिला का बयान जनमानस में गूंजा

महिला पत्रकार द्वारा लगाए गए आरोप, कि मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से उनकी कलाई पकड़ी ने इस पूरे मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है. पीड़ित महिला का बयान, “जो सीएम सरेआम एक महिला पत्रकार की कलाई पकड़ सकता है, वो पीछे क्या नहीं करता होगा,” जनमानस में गूंज रहा है. यह बयान सिर्फ एक व्यक्ति का आरोप नहीं, बल्कि उस डर और असुरक्षा की भावना को दर्शाता है जो प्रदेश की कई महिलाएं महसूस कर रही हैं.

पुलिस बल की कमी बड़ी वजह

इसी के साथ हरियाणा पुलिस में करीब 30% कर्मियों की कमी की बात भी सामने आती है, जिससे कानून-व्यवस्था को संभालना और चुनौतीपूर्ण हो जाता है. अपहरण के मामलों में 2021 से 2024 के बीच लगभग 30% की वृद्धि हुई है, जिनमें महिलाओं और बच्चों से जुड़े केस ज्यादा हैं. यह स्थिति बताती है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और नियंत्रण कमजोर पड़ रहा है.

कानून-व्यवस्था पर चिंता

अनुराग ढांडा का ट्वीट इस पूरे परिदृश्य को एक राजनीतिक सवाल में बदल देता है, क्या हरियाणा की भाजपा सरकार महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है? जब आंकड़े, घटनाएं और आरोप एक साथ सामने आते हैं, तो यह मुद्दा सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि जनसुरक्षा का बन जाता है. जनता के मन में उठ रहा यह सवाल अब और तेज होता जा रहा है कि क्या प्रदेश में कानून का डर खत्म हो चुका है?

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