Hepatitis Prevention : आज के समय में बदलती जीवनशैली का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। खासतौर पर लिवर से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत के बड़े शहरों में फैटी लिवर की समस्या लगातार सामने आ रही है। आम धारणा है कि लिवर की बीमारी केवल शराब पीने वालों को होती है, लेकिन ऐसा नहीं है।
खराब खानपान, बढ़ता वजन, डायबिटीज, शारीरिक गतिविधि की कमी और हेपेटाइटिस वायरस भी लिवर की बीमारियों का बड़ा कारण बन सकते हैं। हालांकि समय पर जांच, सावधानी और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग के सीनियर डायरेक्टर और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. रमेश गर्ग ने बताया कि हेपेटाइटिस से बचाव और लिवर को मजबूत रखने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
हेपेटाइटिस से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
हेपेटाइटिस A और B से बचाव के लिए वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। यह संक्रमण से बचने का प्रभावी तरीका है।
साफ और सुरक्षित भोजन के साथ शुद्ध पानी का सेवन करें। दूषित खाना और पानी संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। खाना खाने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद साबुन से हाथ धोना जरूरी है।
रेजर, टूथब्रश, नेल कटर और सुई जैसी निजी चीजें किसी के साथ साझा न करें।
हेपेटाइटिस B संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाना जरूरी है।
शराब और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों के सेवन से बचें, क्योंकि इससे लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
किन लोगों को करानी चाहिए हेपेटाइटिस की जांच
हर व्यक्ति के लिए नियमित हेपेटाइटिस जांच जरूरी नहीं होती, लेकिन कुछ लोगों को विशेष रूप से जांच करानी चाहिए। इनमें वे लोग शामिल हैं, जिनका कभी ब्लड ट्रांसफ्यूजन हुआ हो, जो डायलिसिस पर हों, स्वास्थ्यकर्मी हों, गर्भवती महिलाएं हों, संक्रमित व्यक्ति के परिवार के सदस्य हों या जिनके लिवर टेस्ट पहले से खराब आए हों।
बीमारी की पहचान और इलाज शुरू
अगर लंबे समय से थकान महसूस हो रही है, पीलिया की शिकायत है, भूख कम लग रही है, बार-बार उल्टी जैसा महसूस होता है या लिवर एंजाइम बढ़े हुए हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर जांच जरूर करानी चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक, हेपेटाइटिस B और C कई बार लंबे समय तक बिना किसी लक्षण के शरीर में मौजूद रह सकते हैं। ऐसे में जोखिम वाले लोगों में समय पर जांच बीमारी की पहचान और इलाज शुरू करने में मदद कर सकती है।
फैटी लिवर का बढ़ता खतरा
आजकल फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह केवल शराब पीने वालों में ही नहीं होती, बल्कि शराब न पीने वाले लोगों में भी देखी जा रही है। इसका प्रमुख कारण ज्यादा तला-भुना भोजन, जंक फूड, मीठे पेय पदार्थों का अधिक सेवन, मोटापा, पेट की चर्बी बढ़ना, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत है।
समय रहते ध्यान नहीं दिया जाए तो फैटी लिवर आगे चलकर लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस, सिरोसिस और कुछ मामलों में लिवर कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच और सही जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है।
लिवर को स्वस्थ रखने के उपाय
संतुलित और पौष्टिक भोजन को अपनी डाइट में शामिल करें।
फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करें।
रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या व्यायाम करें।
वजन और कमर के आकार को नियंत्रण में रखें।
शराब और तंबाकू से दूरी बनाएं।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की दवाइयां, एंटीबायोटिक या हर्बल सप्लीमेंट लंबे समय तक न लें।
डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं की नियमित जांच कराकर उन्हें नियंत्रित रखें।
स्वस्थ जीवनशैली और समय-समय पर जरूरी जांच के जरिए लिवर से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
Disclaimer : इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हिंदी ख़बर किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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