Karachi Hospital HIV Case : पाकिस्तान के कराची शहर से स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी अस्पताल में कथित लापरवाही के कारण कम से कम 78 बच्चे HIV संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। जांच में सामने आया है कि अस्पताल में इस्तेमाल की गई सुइयों और मेडिकल कचरे के निपटारे में गंभीर खामियां थीं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा।
यह मामला कराची के साइट इलाके में स्थित सिंध एम्प्लॉइज सोशल सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन (SESSI) के तहत चलने वाले वालिका अस्पताल से जुड़ा है। बच्चों में HIV संक्रमण के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की।
10 हजार से ज्यादा लोगों की हुई जांच
संक्रमण फैलने की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल और आसपास के इलाकों में बड़े स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 10,500 से ज्यादा लोगों की जांच की गई, जिसमें बच्चों के अलावा करीब 120 अन्य लोग भी HIV पॉजिटिव पाए गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
जांच में सामने आईं गंभीर लापरवाहियां
सिंध हेल्थकेयर कमीशन की जांच टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया तो संक्रमण रोकने के नियमों में कई बड़ी कमियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि कुछ जगहों पर इस्तेमाल की जा चुकी सिंगल-यूज सुइयों और सीरिंज के दोबारा इस्तेमाल की आशंका थी। इसके अलावा इस्तेमाल की गई सुइयों के सुरक्षित निपटारे की प्रक्रिया भी ठीक से नहीं अपनाई जा रही थी।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अस्पताल में मेडिकल कचरे को संभालने के लिए कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया था। संक्रमण फैलाने वाले कचरे के प्रबंधन में लापरवाही बरती गई।
मेडिकल सुविधाओं पर भी उठे सवाल
जांच के दौरान अस्पताल के कुछ विभागों में स्टाफ की अनुपस्थिति और व्यवस्थाओं की कमी भी सामने आई। ऑपरेशन थिएटर और नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। वहीं, मेडिकल उपकरणों को संक्रमण मुक्त करने वाली ऑटोक्लेव मशीन की स्थिति को लेकर भी जांच टीम ने चिंता जताई।
37 कर्मचारियों पर कार्रवाई
मामले के बाद सिंध सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए अस्पताल के प्रशासकों, लैब कर्मचारियों और नर्सिंग स्टाफ समेत 37 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में संक्रमण नियंत्रण समिति मौजूद थी, लेकिन कर्मचारियों के बीच आपसी विवाद और सुरक्षा नियमों के पालन में लापरवाही के कारण यह व्यवस्था प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पाई।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
सिंध प्रांत में HIV संक्रमण का यह पहला बड़ा मामला नहीं है। इससे पहले साल 2019 में रतोदेरो इलाके में भी HIV संक्रमण फैलने की घटना सामने आई थी। उस समय भी असुरक्षित इंजेक्शन और चिकित्सा व्यवस्था में लापरवाही को इसका कारण बताया गया था।
फिलहाल सिंध सरकार ने प्रभावित बच्चों के इलाज का खर्च उठाने और उनके लिए लंबे समय तक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। हालांकि, इस घटना ने पाकिस्तान की स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ये भी पढ़ें- महिलाओं के लिए बड़ा सहारा बनी ‘मांवां धियां सत्कार योजना’, जानें कैसे बदल रही जिंदगी
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









