Female Terrorist : आतंकवाद की दुनिया में अक्सर पुरुषों के नाम प्रमुख रूप से सुनाई देते हैं, लेकिन इतिहास गवाह है कि कई महिलाएं भी अपने रणनीतिक कौशल, क्रूरता और आतंक फैलाने की क्षमता के कारण भय का माहौल पैदा कर चुकी हैं। कुछ महिलाओं ने आत्मघाती हमलों में हिस्सा लिया, तो कुछ ने आतंकी संगठनों के लिए भर्ती अभियान चलाए। आइए जानते हैं दुनिया की 5 सबसे खतरनाक महिला आतंकवादियों के बारे में-
- सामंथा लेथवेट (White Widow)
ब्रिटेन में जन्मी सामंथा लेथवेट को ‘व्हाइट विडो’ के नाम से जाना जाता है। उसका जन्म 5 दिसंबर 1983 को उत्तरी आयरलैंड के बैनब्रिज में हुआ। वह 7 जुलाई 2005 को लंदन मेट्रो में हुए आत्मघाती बम हमलों में शामिल जर्मेन मौरिस लिंडसे (अब्दुल्ला शहीद जमाल) की पत्नी थी। पति की मौत के बाद सामंथा कट्टरपंथ की ओर बढ़ी और सोमालिया के अल-शबाब और अल-कायदा संगठनों से जुड़ गई। वह महिलाओं और किशोरों को आत्मघाती हमलावर बनाने की योजना चलाती थी। सामंथा के केन्या में 2013 के वेस्टगेट शॉपिंग मॉल हमले में मास्टरमाइंड होने का आरोप है।
- फुसाको शिगेनोबु (Red Queen)
जापान की फुसाको शिगेनोबु 1970 और 80 के दशक में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद में सक्रिय थीं। उन्होंने उग्रवादी संगठन ‘जापानी रेड आर्मी’ की स्थापना की। उनका उद्देश्य वैश्विक कम्युनिस्ट क्रांति लाना था। 1972 और 1974 में हुए प्रमुख हमलों में उनके कथित योगदान को जाना जाता है। करीब 30 साल तक फरार रहने के बाद उन्हें 2000 में गिरफ्तार किया गया और 2022 में जेल से रिहा किया गया।
- साजिदा अल-रिशावी
साजिदा अल-रिशावी का नाम 2005 के जॉर्डन होटल बम धमाकों के बाद चर्चा में आया। उसे अल-कायदा इन इराक ने आत्मघाती मिशन के लिए भेजा था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण बम नहीं फटा। उसे जिंदा पकड़ लिया गया और बाद में उसने अपने मिशन की बात स्वीकार की। ISIS ने बाद में जॉर्डनियन पायलट की रिहाई के लिए उसकी रिहाई की मांग की। जॉर्डन सरकार ने 2015 में उसे फांसी दी।
- हयात बुमेदीन
फ्रांस की नागरिक हयात बुमेदीन 2015 के पेरिस हमलों के दौरान सुर्खियों में आई। वह सुपरमार्केट हमले की आरोपी अमेदी कौलीबाली की सहयोगी थी। हमला होने से पहले वह सीरिया भाग गई थी। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, हयात ऑनलाइन भर्ती अभियान चलाती थी और यूरोप में महिलाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रभावित करती थी। उसे ISIS की सबसे प्रभावशाली महिला प्रचारकों में से एक माना जाता था।
- एनरिका मोंटेनेग्रो (La Chinita)
एनरिका मोंटेनेग्रो लैटिन अमेरिका के उग्रवादी संगठन ‘शाइनिंग पाथ’ का हिस्सा थीं। उन्हें ‘ला चिनिता’ के नाम से भी जाना जाता था। वह सरकारी अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों पर हमलों के लिए जिम्मेदार थीं। पेरू सरकार ने उसे पकड़ने के लिए बड़े अभियान चलाए थे।
इसके अलावा, चेचन महिला आत्मघाती हमलावरों के समूह ‘ब्लैक विडोज’ को भी खतरनाक महिलाओं की सूची में शामिल किया जाता है। ये महिलाएं अक्सर अपने पति या भाई की मौत के बाद कट्टरपंथ की राह अपनाती थीं और मॉस्को मेट्रो ब्लास्ट, थिएटर हमले और बेस्लान स्कूल बंधक संकट जैसे बड़े हमलों में शामिल रही हैं। 2004 के बेस्लान स्कूल हमले में 330 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें बड़ी संख्या बच्चे थे।
इन महिलाओं ने यह साबित किया कि आतंकवाद में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी अत्यधिक प्रभावशाली और खतरनाक भूमिका निभा सकती हैं।
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