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NEET पेपर लीक: केजरीवाल ने Gen-Z से सड़क पर उतरने की अपील, सिस्टम और CBI पर उठाए सवाल

Arvind Kejriwal Statement : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को देश के युवाओं (जेन-जी) से सीधा वर्चुअल संवाद किया. उन्होंने जेन-जी का आह्वान करते हुए कहा कि बहुत हुआ पेपर लीक, अब इस घिनौने खेल को बंद करने के लिए देश के जेन-जी को सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना पड़ेगा. उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वहां जेन-जी अपनी सरकार बदल सकते हैं तो हमारे देश का जेन-जी पेपर लीक कराने में शामिल मंत्रियों-नेताओं को जेल क्यों नहीं भिजवा सकता.

सीबीआई जांच पर सवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. हर बार की तरह कुछ लोगों की गिरफ्तारी होगी, लेकिन किसी को सजा नहीं मिलेगी. हर बार की तरह आरोपी कुछ महीनों में जमानत पर बाहर आ जाएंगे और फिर अगले पेपर लीक की तैयारी शुरू कर देंगे.

उन्होंने सवाल किया कि क्या देश के युवा पेपर लीक के मामले सुन-सुनकर थक नहीं गए हैं. क्या सीबीआई पर भरोसा बचा है. 2017 में भी नीट पेपर लीक हुआ था, 2021 में भी हुआ, 2024 में भी हुआ और अब 2026 में फिर हुआ है.

चार्जशीट में देरी और मास्टरमाइंड पर सवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2024 के पेपर लीक में मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी हुई, लेकिन 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की गई, जिससे उसे जमानत मिल गई. उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई अक्षम नहीं है, बल्कि वह उन लोगों को रिपोर्ट करती है जो इस पूरे सिस्टम से जुड़े हैं, उन्होंने कहा कि सीबीआई किसी को सजा नहीं दिला सकती क्योंकि वह उन्हीं लोगों के नियंत्रण में है जो इस घिनौने खेल में शामिल हैं.

93 पेपर लीक और राज्यों पर आरोप

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2014 के बाद से अब तक देश में 93 पेपर लीक हो चुके हैं. उन्होंने दावा किया कि इनमें से अधिकतर मामले भाजपा शासित राज्यों जैसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात में हुए हैं.

उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक का केंद्र भी राजस्थान बताया जा रहा है और इसमें जिन पर शक है वे भाजपा से जुड़े लोग हैं. यह इत्तेफाक नहीं हो सकता कि केंद्र और कई राज्यों में एक ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद लगातार पेपर लीक हो रहे हैं.

हर साल पेपर लीक और युवाओं का भविष्य

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं. अगर अब भी युवाओं ने आवाज नहीं उठाई तो 2027 में भी पेपर लीक होगा, उन्होंने कहा कि पेपर लीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है और यह सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा.

जेन-जी आंदोलन और सरकार बदलने की बात

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर नेपाल और बांग्लादेश का जेन-जी सड़कों पर उतरकर सरकार बदल सकता है तो भारत का जेन-जी पेपर लीक करने वाले मंत्रियों को जेल क्यों नहीं भेज सकता, उन्होंने कहा कि यह देश युवाओं का है और नेताओं को इसकी परवाह नहीं है. उनके बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं जबकि आम युवा यहीं संघर्ष करते हैं.

सिस्टम फेल नहीं, जानबूझकर खेल – केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सिस्टम फेल होने की बात कहना गलत है. यह कोई तकनीकी विफलता नहीं है बल्कि एक संगठित खेल है जिसमें ऊपर तक पैसा पहुंचता है, उन्होंने कहा कि जो लोग इसे सिस्टम फेल बताते हैं, वे अनजाने में उन लोगों को बचाते हैं जो इस पूरे घिनौने खेल के असली जिम्मेदार हैं. इसलिए दोषियों पर सीधे कार्रवाई होनी चाहिए और इस खेल को खत्म करने के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना चाहिए.

ये भी पढ़ें- मोदी सरकार में चार बार नीट का पेपर लीक हो चुका है, लेकिन अब तक किसी को सजा नहीं मिली- केजरीवाल

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