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पीएम मोदी कल जेवर एयरपोर्ट का करेंगे उद्घाटन, दानिश आजाद अंसारी ने की जमकर तारीफ

Jewar Airport : भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं में से एक उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में बन रहा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर एयरपोर्ट) का पहला चरण तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी 28 मार्च को इसका उद्घाटन करेंगे, जिसके बाद इस हवाई अड्डे का संचालन शुरु किया जाएगा। वहीं यूपी सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने इस हवाई अड्डे के साथ पीएम मोदी की भी तारीफ की है।

दरअसल, पीएम मोदी के कार्य की सराहना करते हुए दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि पीएम मोदी ने मध्य भारत के लिए बड़ी सौगात दी है। ये ट्रांसपोर्टेशन की जो फैसलिटी है, अवेलेबिलिटी है इसमें बहुत सारी सकारात्मक चीजें हमें हासिल होंगी। हम बहुत आभार व्यक्त करते हैं पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जी का कि वे बहुत सकारात्मक भाव से जनता ने जो जिम्मेदारी दी है उस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे हैं।

जेवर एयरोपोर्ट का स्थान और महत्व

जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में, दिल्ली‑NCR से करीब 60‑70किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) का दूसरा बड़ा विकल्प होगा, जिससे दिल्ली और उसके आस‑पास के इलाकों को नई उड़ान सुविधाएँ मिलेंगी।

विकास और लागत

जेवर एयरपोर्ट को एक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है, यानी इसे एक खाली जमीन पर पूरी तरह से नया एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। इसके पहले चरण में करीब 3,300 एकड़ जमीन पर रनवे और टर्मिनल का कार्य लगभग पूरा है, और कुल परियोजना लगभग 11,750 एकड़ में फैलेगी।

प्रारंभिक निर्माण के लिए अनुमानित खर्च लगभग ₹12,000 करोड़ बताया गया है, जिसमें ₹5,000 करोड़ भूमि अधिग्रहण और ₹7,000 करोड़ निर्माण कार्य में खर्च होंगे। भविष्य के विस्तारित चरणों में रनवे, कार्गो सुविधाएँ और यात्री सुविधाओं के लिए और निवेश किया जाएगा।

उद्घाटन और संचालन

सरकार ने घोषणा की है कि जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा, जिसके तुरंत बाद एयरपोर्ट के पहले चरण का संचालन शुरू होने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, उद्घाटन के तुरंत बाद शुरुआत में घरेलू उड़ानों से परिचालन शुरू होने की संभावना है, और बाद में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार किया जाएगा। इससे NCR के यात्रियों को उड़ानों के बेहतर विकल्प मिलेंगे और दिल्ली के पहले एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा।

कनेक्टिविटी और सुविधाएँ

जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को बहुत मजबूत तरीके से विकसित किया जा रहा है ताकि यात्रियों को आसानी से हवाई अड्डा पहुंचने का विकल्प मिले।

सड़क मार्ग

यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों के जरिए NCR, दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, आगरा और आसपास के मुख्य शहरों से सड़क द्वारा अच्छी तरह जुड़ा होगा।

भविष्य की योजनाएँ

जैसे‑जैसे एयरपोर्ट का विस्तार होगा, रेपिड रैपिड ट्रांज़िट सिस्टम (RRTS), मेट्रो कनेक्टिविटी और विशेष रेलवे लिंक योजनाओं के ज़रिये एयरपोर्ट को रेल नेटवर्क से भी जोड़ने का प्रस्ताव है। यह आईजीआई एयरपोर्ट की तुलना में यात्रियों के लिए और आसान कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।

बस और टैक्सी सेवाएं

एयरपोर्ट के लिए बस सर्विस, टैक्सी और ऐप‑आधारित कैब सेवाओं का नेटवर्क भी विस्तार किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को हवाई अड्डे तक आने‑जाने में सुविधा मिल सके।

यात्रियों के लिए लाभ और प्रभाव

जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र के लोगों को संयुक्त और विस्तृत उड़ान विकल्प, कम प्रतीक्षा समय और बेहतर सेवाएँ प्रदान करेगा। यह दिल्ली‑NCR सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए एक बड़ा लाभ होगा।

आर्थिक और विकास प्रभाव

इस परियोजना से रोजगार अवसरों में वृद्धि, लॉजिस्टिक्स सेक्टर में विस्तारित गतिविधियाँ, और स्थानीय व्यवसायों के लिए नई संभावनाएँ पैदा होने की उम्मीद है। आसपास के इलाकों में विकास, रियल एस्टेट में बढ़ोतरी और निवेश में उछाल की भी संभावना जताई जा रही है।

रियल एस्टेट और निवेश

जेवर एयरपोर्ट परियोजना का असर आसपास के क्षेत्रों में संपत्ति की मांग और भूमि मूल्यों पर भी दिखाई दे रहा है, क्योंकि यहाँ नई बुनियादी सुविधाएँ और बेहतर आवागमन की संभावनाएँ बन रही हैं।

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