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पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशियों पर सख्ती, CM बोले- वो दामाद नहीं जो बिठाकर खिलाएं

Illegal Bangladeshis : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को देश छोड़ने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में रह रहे ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें पुलिस के हवाले किया जाए, जिसके बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया में मदद करेगा।

अवैध रूप से रह रहे लोगों पर होगी सख्ती

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उन्हें देश में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्वेच्छा से लौटने के लिए हुए एकत्र

इसी बीच, उत्तर 24 परगना जिले के हाकिमपुर चेक पोस्ट पर मंगलवार सुबह से ही बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों की भीड़ देखी गई। जानकारी के अनुसार, ये लोग राज्य के विभिन्न हिस्सों में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे थे और अब स्वेच्छा से सीमा पार लौटने के लिए एकत्र हुए हैं।

बांग्लादेशी नागरिकों को भेजा गया होल्डिंग सेंटर

जल्दी-जल्दी भागो यहां से, वरना एक्शन लेंगे। हम घुसपैठियों को जेल भेजकर रोटी नहीं खिलाएंगे। वह दामाद नहीं है। उन्हें भगाया जाएगा। उनके (बांग्लादेश के) ऑफिशियल्स भी कह चुके हैं कि जो हमारे लोग होंगे, उन्हें ले लेंगे। वहीं मुर्शिदाबाद जिला पहला ऐसा क्षेत्र बन गया है, जहां तीन बांग्लादेशी नागरिकों को होल्डिंग सेंटर भेजा गया है। इन लोगों पर भारत में अवैध प्रवेश के आरोप थे और उन्हें हिरासत में लेकर जांच प्रक्रिया में रखा गया है।

30 दिनों तक रखा जा सकेगा

राज्य प्रशासन ने हाल ही में ‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ नीति के तहत सभी जिलों को निर्देश दिया है कि संदिग्ध विदेशी नागरिकों के लिए अस्थायी होल्डिंग सेंटर बनाए जाएं। इन केंद्रों में ऐसे लोगों को अधिकतम 30 दिनों तक रखा जा सकेगा। इस अवधि में उनके दस्तावेजों की जांच, पहचान सत्यापन और नागरिकता से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही बायोमेट्रिक डेटा भी एकत्र किया जाएगा और उसे केंद्रीय प्रणाली में दर्ज किया जाएगा।

मामलों से निपटने की प्रक्रिया तय

जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्तियों को सीमा सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से उनके देश वापस भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लिया जाएगा। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी व्यवस्था केंद्र सरकार की गाइडलाइन के तहत लागू की जा रही है, जिसमें अवैध प्रवासियों और रोहिंग्या जैसे मामलों से निपटने की प्रक्रिया तय की गई है।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये होल्डिंग सेंटर अस्थायी होंगे और केवल जांच अवधि के लिए उपयोग किए जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया नए इमिग्रेशन नियमों और सुरक्षा प्रावधानों के तहत संचालित की जा रही है।

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