Asaduddin Owaisi : राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधा है. ओवैसी ने सोमवार रात बिजनौर के नजीबाबाद में कहा था कि अगर उस ट्रस्ट में एक मुसलमान को सदस्य बना लेते और जब यह घोटाला सामने आता तो उसका एनकाउंटर कर देते और बुलडोजर से उसका घर गिरा देते, तो इससे केस बंद हो जाता.
जनहित, धार्मिक या धर्मार्थ कार्यों के लिए दान की गई संपत्तियों को शरिया या इस्लामी कानून में वक्फ कहा जाता है. ये संपत्तियां चल और अचल दोनों तरह की हो सकती हैं. पीआईबी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 30 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और 32 बोर्डों ने बताया है कि उनके पास 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं.
लाखों एकड़ जमीन में फैली हैं वक्फ संपत्तियां
रिपोर्ट के अनुसार, ये वक्फ संपत्तियां 38 लाख एकड़ से अधिक जमीन को कवर करती हैं. हालांकि, इन संपत्तियों में समय-समय पर हेरफेर, अनधिकृत कब्जे और वित्तीय विसंगतियों की खबरें सामने आती रहती हैं. जांच के दौरान भी कई मामलों में अनियमितताओं के दावे किए गए हैं.
कर्नाटक में सामने आया था बड़ा मामला
साल 2012 में कर्नाटक में वक्फ संपत्तियों से जुड़ा एक मामला सामने आया था. वहां अल्पसंख्यक आयोग के तत्कालीन प्रमुख अनवर मनिप्पादी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को सात हजार पन्नों की एक विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी थी. रिपोर्ट में राज्य की वक्फ जमीन को लेकर कई दावे किए गए थे.
रिपोर्ट में दावा किया गया था कि राज्य के वक्फ बोर्ड की कुल 54,000 एकड़ जमीन में से करीब 27 हजार एकड़ जमीन का अवैध रूप से हस्तांतरण, बिक्री या व्यावसायिक उपयोग किया गया. इन जमीनों की कीमत उस समय करीब दो लाख करोड़ रुपये आंकी गई थी. इस मामले में राजनेताओं, वक्फ बोर्ड अधिकारियों और रियल एस्टेट डेवलपर्स के शामिल होने के आरोप लगाए गए थे.
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