US Iran Conflict : ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने आशंका जताई है कि अमेरिका के साथ तनाव एक बार फिर युद्ध की स्थिति में बदल सकता है। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार है तथा यदि अमेरिका कोई आक्रामक कदम उठाता है तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। असदी के अनुसार अमेरिका अक्सर समझौतों और वादों का पालन नहीं करता और उसके बयान अधिकतर राजनीतिक और मीडिया प्रभाव के लिए दिए जाते हैं।
वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा
दूसरी ओर, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान को किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि यह वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अमेरिका को पहले भी सख्त कदम उठाने पड़े हैं।
कार्रवाई के लिए मंजूरी की आवश्यकता नहीं
ट्रम्प ने यह स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए उन्हें संसद की मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं है और इस तरह की मांग करने वाले लोग देशहित में नहीं सोच रहे हैं। वहीं, व्हाइट हाउस की ओर से अमेरिकी संसद को जानकारी दी गई है कि ईरान से जुड़ा मौजूदा संघर्ष अब समाप्त माना जा रहा है, हालांकि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बनी रहेगी।
सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरान को भुगतान…
अमेरिका ने यह भी चेतावनी दी है कि जो भी कंपनियां होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरान को भुगतान करेंगी, उन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, चाहे वह भुगतान किसी भी उद्देश्य से क्यों न हो। इस बीच रिपोर्ट्स के अनुसार इस क्षेत्र में समुद्री यातायात लगभग 90 प्रतिशत तक कम हो गया है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण बनी हुई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ट्रम्प को संभावित सैन्य कार्रवाई के विभिन्न विकल्पों पर विस्तृत ब्रीफिंग भी दी है, जिससे क्षेत्रीय हालात पर नजर और सख्त हो गई है।
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