
Mathura Boat Accident : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन स्थित केसी घाट पर शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के तहत पांटून पुल को हटाने के दौरान हुई कथित लापरवाही के चलते एक श्रद्धालुओं से भरी मोटरबोट अनियंत्रित होकर पुल से टकरा गई और यमुना में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लापता हैं।
बिना सुरक्षा इंतजाम के चल रहा था पुल हटाने का काम
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पांटून पुल को हटाने का कार्य बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंध लगाए किया जा रहा था। इसी दौरान श्रद्धालुओं की नाव उस क्षेत्र में पहुंच गई, जहां निर्माण कार्य जारी था। बताया जा रहा है कि बोट के चालक ने पहले भी गति को लेकर सतर्कता बरतने की बात की थी, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
मोटरबोट अनियंत्रित होकर पुल से टकराई
जानकारी के अनुसार, करीब 37 श्रद्धालु दो मोटरबोट में सवार होकर यमुना की सैर पर निकले थे। जैसे ही नाव पांटून पुल के पास पहुंची, वहां चल रहे निर्माण कार्य और कम जलस्तर के कारण स्थिति जटिल हो गई। तेज गति के कारण बोट असंतुलित हुई और सीधे पुल से टकराकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन में 22 श्रद्धालु सुरक्षित बचाए गए
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। बाद में पीएसी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। देर शाम तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 22 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिनमें से कुछ को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पंजाब और अन्य राज्यों के श्रद्धालु थे शामिल
बताया जा रहा है कि श्रद्धालु लुधियाना, हिसार और मुक्तसर से वृंदावन दर्शन के लिए आए थे। सभी श्रद्धालु सुबह निधिवनराज मंदिर में दर्शन करने के बाद यमुना में नाव यात्रा के लिए पहुंचे थे। हादसे ने पूरे समूह को गहरे सदमे में डाल दिया है।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप, जांच की तैयारी
हादसे के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पांटून पुल हटाने वाली टीम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, राहत कार्य तेज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और राहत-बचाव कार्य को तेज करने के निर्देश दिए हैं। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।
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