Ram Mandir Theft Controversy : आज सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की अहम बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ट्रस्ट की व्यवस्थाओं को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं, और कई महत्वपूर्ण बदलावों पर मुहर लग सकती है। 7 जून को अखिलेश यादव ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।
आंतरिक ऑडिट में चोरी की पुष्टि नहीं
इस पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि आंतरिक ऑडिट में अब तक चोरी की पुष्टि नहीं हुई है। अगले दिन भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय जांच की मांग की। इसके बाद ट्रस्ट ने सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से मामले की जांच कराने का फैसला लिया।
जांच के बाद रखूंगा अपनी बात- चंपत राय
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बीते बुधवार कहा कि अयोध्या में उनकी सेवा का कार्य अब लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन वह यहां से किसी भी तरह का कलंक लेकर नहीं जाना चाहते। उन्होंने अपने करीबियों से बातचीत में यह भी कहा कि उनके विश्वास को ठेस पहुंची है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि पूरे मामले पर वह जांच पूरी होने के बाद ही विस्तार से अपनी बात रखेंगे।
चढ़ावा केस में एसआईटी ने संभाली जांच
चढ़ावा राशि से जुड़े विवाद के सामने आने के बाद ट्रस्ट ने पूरे मामले की एसआईटी से जांच कराने की मांग की। इसके बाद राज्य सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर जांच की जिम्मेदारी सौंपी।
बयानों में अंतर मिलने पर दोबारा पूछताछ
15 जून को एसआईटी (SIT) अयोध्या पहुंची और ट्रस्ट पदाधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की। इस दौरान दान में मिले आभूषणों में गड़बड़ी की आशंका पर भी जांच हुई और पुराने रिकॉर्ड व सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। 23 जून को एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी, जिसमें करीब 150 लोगों के बयान शामिल थे। जांच में बयानों में अंतर मिलने पर कुछ लोगों से कई दिनों तक दोबारा पूछताछ की गई और 14 अन्य लोगों के बयान दर्ज किए गए।
बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज
चढ़ावा चोरी मामले में 25 जून को बड़ी कार्रवाई हुई। ट्रस्ट की शिकायत पर रामजन्मभूमि कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें कई लोगों को आरोपी बनाया गया। उन पर बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। एफआईआर के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के सात ठिकानों पर छापेमारी
27 जून को विवाद सामने आने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ट्रस्ट के सदस्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ ने इसकी पुष्टि की। 28 जून को पुलिस ने छह आरोपियों के सात ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान परिवार के लोगों से पूछताछ की गई और संपत्ति व निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई।
बैठक पर होगी सबकी निगाहें
दो ट्रस्टियों के इस्तीफे के बाद ट्रस्ट में बड़े बदलाव की संभावना बढ़ गई है। एसआईटी ने अपनी शुरूआती रिपोर्ट में ट्रस्ट के पुनर्गठन और प्रशासनिक अधिकारी का सीईओ बनाने का सुझाव दिया। अब 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
रकम कम मिलने पर गड़बडी की आंशका
महाकुंभ के दौरान रामलला को मिलने वाले दान में अचानक बड़ी बढ़ोतरी हुई। लेकिन महाकुंभ खत्म होने के बाद दान की राशि में लगातार कमी देखी गई। बैंक में रकम भी पहले से कम मिलने पर गड़बडी की आंशका जताई गई।
महासचिव के भरोसे पर पहुंची चोट
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो चुकी है और वह बिना किसी दाग के यहां से जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनके भरोसे को ठेस पहुंची है और जांच पूरी होने के बाद ही वह इस मामले पर खुलकर बात करेंगे।
बता दें कि चढ़ावा चोरी का मामला पहले भी सामने आया था। जिसमें कथित गड़बड़ी की बात कही गई थी। इसके बाद ट्रस्ट को सूचना देकर आगामी जांच कराई गई। दरअसल मामला दबाने की कोशिश की गई तो इसकी जानकारी बाहर आ गई। जिसके बाद चढ़ावा चोरी केस सबके सामने आया। आज सोमवार को ट्रस्ट की अहम बैठक होगी। इसमें चढ़ावा मामले पर एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट, वित्तीय मामलों और चंपत राय व अनिल मिश्र के इस्तीफे पर चर्चा की जाएगी।
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