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बांदा में पुराने पेड़ों को बचाने के लिए जुटे सैकड़ों लोग, मानव श्रृंखला बनाकर रुकवाई कटाई

Banda News : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के पल्हरी रोड पर 80 वर्ष से अधिक पुराने बरगद, नीम और पीपल के पेड़ों की कटाई के विरोध में शनिवार को स्थानीय नागरिकों, छात्रों, समाजसेवियों और अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और मानव श्रृंखला बनाकर पेड़ों की कटाई रुकवाने की मांग की. प्रशासन से बातचीत के बाद फिलहाल पेड़ों की कटाई पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है.

स्थानीय निवासी शिवम निगम ने बताया कि पल्हरी रोड पर पेड़ों की कटाई की सूचना मिलने के बाद “बांदा जल, जंगल, पहाड़ बचाओ अभियान” से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे. उनका कहना था कि पूर्व में भी इन पेड़ों को काटने का प्रयास किया गया था, उन्होंने सवाल उठाया कि जब संबंधित अधिकारी कटान के आदेश जारी न होने की बात कहते हैं, तो फिर बार-बार पेड़ों को काटने का प्रयास क्यों किया जा रहा है. शिवम निगम ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि सड़क का चौड़ीकरण पहले ही किया जा चुका है. सड़क किनारे लाइट के खंभों और नाली निर्माण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है, इसके बावजूद वर्षों पुराने पेड़ों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों ने बताया कि विरोध के दौरान देखा गया कि एक पेड़ का कुछ हिस्सा पहले ही काटा जा चुका था.

पेड़ों के कटान पर स्थायी रोक की मांग

मौके पर मौजूद लोगों ने बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय संतुलन को लेकर भी चिंता जताई. वरिष्ठ पूर्व छात्र नेता रितेश त्रिपाठी ने कहा कि लगातार हो रही पेड़ों की कटाई भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. वहीं, छात्र नेता अमित यादव और शमशेर यादव ने कहा कि यदि पेड़ों के कटान पर स्थायी रोक नहीं लगाई गई तो छात्र समुदाय बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा.

लिखित आदेश जारी करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की. इसके बाद पेड़ों की कटाई पर अस्थायी रोक लगा दी गई. हालांकि स्थानीय लोगों और अभियान से जुड़े सदस्यों ने मांग की है कि पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिखित आदेश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में इनका कटान न हो सके.

सामूहिक पहल से जुड़ रहे जिले के युवा

अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति का आंदोलन नहीं है, बल्कि बांदा के पर्यावरण, जल, जंगल और प्राकृतिक धरोहरों को बचाने की सामूहिक पहल है. उनका कहना है कि जिले के युवा, समाजसेवी और अधिवक्ता बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़ रहे हैं.

पर्यावरण संरक्षण के लिए उठी मांग

विरोध प्रदर्शन में शिवम निगम, रितेश त्रिपाठी, राहुल द्विवेदी, अभिषेक शुक्ला, अभय निगम, लव सिन्हा, शैलेंद्र कुमार वर्मा, दीपक गुप्ता, अमित यादव, अरविंद श्रीवास्तव, शमशेर यादव, अविनाश निगम, अतुल साहू, राहुल त्रिपाठी, यश त्रिवेदी, ओम राजपूत और कार्तिक समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे.

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से इन पुराने पेड़ों को संरक्षित किया जाए तथा अवैध कटाई में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

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