Punjab News : ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान को पांच महीने पूरे हो गए हैं और पंजाब पुलिस ने इस अभियान की शुरुआत से अब तक पूरे राज्य में 93,927 छापेमारियां कर गैंगस्टरों तथा उनसे जुड़े अपराधियों सहित कुल 38,738 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ पंजाब को गैंगस्टर-मुक्त राज्य बनाने के लिए एक निर्णायक अभियान है, जिसकी शुरुआत 20 जनवरी 2026 को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव द्वारा की गई थी. एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें राज्यभर में विशेष अभियान चला रही हैं.
1,244 भगोड़े अपराधी गिरफ्तार
विशेष डीजीपी कानून एवं व्यवस्था प्रवीण सिन्हा ने बताया कि पुलिस टीमों ने अब तक गिरफ्तार व्यक्तियों के कब्जे से 1,976 जिंदा कारतूसों और 209 मैगजीनों सहित 716 हथियार, 187 धारदार हथियार तथा 12 हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं. उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त अब तक 15,825 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई है, जबकि 18,042 व्यक्तियों को सत्यापन और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया, उन्होंने कहा कि अभियान शुरू होने से अब तक पुलिस टीमों ने 1,244 भगोड़े अपराधियों (पीओ) को भी गिरफ्तार किया है.
348 व्यक्ति गिरफ्तार
अभियान के 151वें दिन पुलिस टीमों ने 575 छापेमारियां कीं, जिसके दौरान 348 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा 125 व्यक्तियों के खिलाफ एहतियातन कार्रवाई की गई तथा पांच भगोड़े अपराधियों (पीओ) को भी गिरफ्तार किया गया.
विशेष डीजीपी ने कहा कि ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान इसी जोश और तत्परता के साथ आगे भी जारी रहेगा.
103 नशा तस्करों पर कार्रवाई
लोग एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से गोपनीय रूप से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में सूचना दे सकते हैं तथा अपराध और आपराधिक गतिविधियों संबंधी जानकारी भी साझा कर सकते हैं.
इसी के साथ पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ को 476वें दिन भी जारी रखते हुए 103 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया तथा उनके कब्जे से 848 ग्राम हेरोइन, 12 किलोग्राम भुक्की, 1,308 नशीली गोलियां/कैप्सूल और 6,756 रुपये की ड्रग मनी बरामद की. इसके साथ ही केवल 476 दिनों में गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों की कुल संख्या 69,201 हो गई है. नशा मुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने 13 व्यक्तियों को नशा छोड़ने और पुनर्वास उपचार लेने के लिए भी प्रेरित किया.
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