US Iran Tensions : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान समझौते के लिए तैयार है, लेकिन इसके बाद ईरान की ओर से कड़ा रुख सामने आया है. ईरान के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाईने साफ शब्दों में कहा कि जब तक उनकी सभी शर्तें पूरी नहीं होंगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पीछे हटने वाला नहीं है. रजाई के मुताबिक, ईरान को हुए नुकसान का पूरा मुआवजा मिलना चाहिए, सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह भरोसा दिया जाना चाहिए कि अमेरिका आने वाले समय में उनके मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा.
वहीं, ईरान के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाईने ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि इस बार प्रतिक्रिया पहले जैसी नहीं होगी, उन्होंने चेतावनी दी कि यह ‘आंख के बदले आंख’ नहीं, बल्कि ‘सिर के बदले सिर’ जैसा जवाब होगा, जिससे विरोधियों को गल्फ क्षेत्र छोड़ने पर मजबूर होना पड़ सकता है. रजाई ने यह भी दावा किया कि ईरान की सेना पूरी ताकत के साथ कार्रवाई कर रही है और युद्ध के दौरान दबाव बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं.
अमेरिका-ईरान तनाव पर बड़ा दावा
ईरान के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाईने ने दावा किया कि यह युद्ध एक हफ्ते पहले ही खत्म हो सकता था, क्योंकि अमेरिका इसके लिए तैयार था, लेकिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दबाव में लड़ाई जारी रखी गई. उनके अनुसार, अब अमेरिका को यह समझ आ गया है कि इस संघर्ष में जीत का कोई साफ रास्ता नहीं है.
हमलों के बाद शुरू हुआ संघर्ष
वहीं, दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका की ईरान के एक बड़े नेता से बातचीत जारी है और ईरान समझौता करना चाहता है, ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनरने ने एक ईरानी नेता से बातचीत भी की है, हालांकि उस नेता का नाम सार्वजनिक अभी तक नहीं किया गया.
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद इस युद्ध की शुरुआत हुई थी.
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