Hafiz Saeed : भारतीय सुरक्षाबलों के ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) को बड़ा झटका लगा था। खुफिया सूत्रों के अनुसार, संगठन को हुए नुकसान के बाद अब उसके नेतृत्व और काम करने के तरीके में बड़े बदलाव किए गए हैं। लंबे समय तक चली अंदरूनी चर्चा के बाद संगठन की परिचालन जिम्मेदारी हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद (Talha Saeed) को सौंप दी गई है। वहीं हाफिज सईद (Hafiz Saeed) अब संगठन में मार्गदर्शक और वैचारिक भूमिका निभाएगा, जबकि रोजमर्रा के ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी तल्हा के पास रहेगी।
सूत्रों के मुताबिक, यह बदलाव पाकिस्तान (Pakistan) की खुफिया एजेंसी ISI की रणनीति के तहत किया गया है। संगठन को पहले की तुलना में अधिक संगठित तरीके से चलाने के लिए इसकी संरचना में बदलाव किया गया है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की जा सकें।
PoK में डर का माहौल बनाना
नई व्यवस्था के तहत लश्कर को तीन प्रमुख ऑपरेशनल हिस्सों में बांटा गया है। पहला विंग बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में सक्रिय रहेगा, जहां उसका काम पाकिस्तान विरोधी सशस्त्र संगठनों, विशेष रूप से BLA और TTP, के खिलाफ पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की मदद करना होगा। दूसरा विंग पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) पर केंद्रित रहेगा। खुफिया एजेंसियों का दावा है कि इसका उद्देश्य वहां डर का माहौल बनाना और पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों को दबाना है। तीसरा हिस्सा भारत, खासकर जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से जुड़े ऑपरेशन्स पर पहले की तरह केंद्रीय नेतृत्व के अधीन काम करेगा।
पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र को चुनौती
खुफिया अधिकारियों का कहना है कि हाल के महीनों में BLA और TTP ने पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र को काफी चुनौती दी है। लगातार हमलों और खुफिया तंत्र की कमजोरियों के कारण पाकिस्तानी सेना पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में ISI कथित तौर पर लश्कर के प्रशिक्षित कैडरों का इस्तेमाल इन संगठनों के खिलाफ सहयोगी बल के रूप में करना चाहती है।
समूहों में अपने लोगों की घुसपैठ
सूत्रों के अनुसार, लश्कर अब स्थानीय स्तर पर लोगों की भर्ती पर भी जोर दे रहा है। संगठन का मानना है कि स्थानीय लोगों को इलाके की भौगोलिक स्थिति, रास्तों और नेटवर्क की बेहतर जानकारी होती है। इसी वजह से ऐसे लोगों को शामिल कर स्लीपर सेल तैयार किए जा रहे हैं, जो स्थानीय आबादी में रहकर सूचनाएं जुटा सकें। खुफिया एजेंसियों का यह भी दावा है कि संगठन BLA और TTP जैसे समूहों में अपने लोगों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर रहा है, ताकि पाकिस्तान की खुफिया क्षमता को मजबूत किया जा सके।
IED विस्फोट जैसी घटनाओं की योजना
PoK को लेकर भी संगठन की रणनीति में बदलाव की बात सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, वहां फिदायीन हमलों या IED विस्फोट जैसी घटनाओं की योजना बनाई जा सकती है, ताकि स्थानीय लोगों में भय पैदा हो और पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शनों को रोका जा सके। साथ ही ऐसी किसी बड़ी घटना का आरोप भारत पर लगाने की आशंका भी जताई गई है।
जम्मू-कश्मीर पर रच रहा गहरी साजिश
हालांकि संगठन के ढांचे में बदलाव जरूर हुआ है, लेकिन भारत और जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) को लेकर उसकी रणनीति में कोई बदलाव नहीं बताया जा रहा। सूत्रों के अनुसार, भारत से जुड़े सभी बड़े फैसले अब भी शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर ही लिए जाएंगे। ISI कथित तौर पर हाफिज सईद और तल्हा सईद की पहचान का इस्तेमाल नए आतंकियों की भर्ती और संगठन को सक्रिय बनाए रखने के लिए करना चाहती है।
मुंबई आतंकी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता
तल्हा सईद, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद का बेटा है। भारत सरकार ने अप्रैल 2022 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत उसे आतंकवादी घोषित किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह संगठन के लिए फंड जुटाने, नए आतंकियों की भर्ती करने और भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
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