US-Iran Relations : अमेरिका-ईरान के बीच लगभग चार महीने से चल रहा तनाव अब शांत होता नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते के MoU पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव खत्म होने की दिशा में बढ़ता दिख रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते पर हस्ताक्षर G7 शिखर सम्मेलन के बाद वर्साय के महल में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ डिनर के दौरान किए. ट्रंप के हस्ताक्षर करने के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी.
ऊर्जा की कीमतों में कमी आएगी
मैक्रों ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने वर्साय में ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, उन्होंने कहा कि यह समझौता स्थायी शांति का रास्ता बनाता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की अनुमति देता है.
मैक्रों ने कहा कि यह हमारे देशवासियों के लिए सही दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे जल्द ही ऊर्जा की कीमतों में कमी आएगी. ईरान की ओर से भी राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर की पुष्टि की गई.
ईरान ने भी की पुष्टि
वहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बकाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के मसौदे को राष्ट्रपतियों के हस्ताक्षर के साथ अंतिम रूप दिया गया है, उन्होंने कहा कि अब समझौते को लागू करने की जांच का समय है. हालांकि, औपचारिक हस्ताक्षर मूल रूप से शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाले थे. तेहरान ने कहा कि जिनेवा बैठक अभी भी तय कार्यक्रम के अनुसार होगी.
60 दिन में अंतिम समझौते पर होगी बातचीत
दस्तावेज पर हस्ताक्षर होने के बाद अमेरिका और ईरान के पास अंतिम समझौते की शर्तों पर बातचीत करने के लिए 60 दिन होंगे. समझौते के मुताबिक अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान पर लगी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा. इस दौरान युद्ध-पूर्व स्तर के अनुरूप जहाजों की आवाजाही बहाल होने की उम्मीद है.
दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि अंतिम समझौता होने के 30 दिनों के भीतर अमेरिका ईरान के आसपास के इलाकों से अपनी सेना हटा लेगा.
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